अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भीषण आग पर काबू पाने के बाद हर किसी के जहन में सवाल है कि आखिर आग ने भीषण रूप कैसे ले लिया, जबकि समय पर दमकल वाहन आदि भी पहुंच गए थे। ऐसी क्या वजह थी कि छह घंटे तक टीचिंग ब्लॉक आग की लपेटों में घिरा रहा।
अंत में एनडीआरएफ के करीब डेढ़ सौ जवान तक बुलाने पड़ गए। 45 दमकल वाहन, 250 से ज्यादा जवानों और 120 बार आईएनए से पानी लाने के बाद भी आग पर नियंत्रण क्यों नहीं था? इन्हीं सवालों को लेकर रविवार को घटना के दूसरे दिन ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। वहीं, दिल्ली अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आग के उस पूरे मंजर से जुड़ी लापरवाही को उजागर किया।