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भक्तों ने नम आंखों और जयघोष से दी बाबा को अंतिम विदाई, कई नेता रहे मौजूद

Wed, 18 May 2016 09:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज को बुधवार को उनके लाखों श्रद्धालुओं ने भक्तिपूर्ण अंतिम विदाई दी। निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार सीएनजी शवदाह गृह में किया गया। इस दौरान संत निरंकारी मिशन की गुरु घोषित की गई उनकी पत्नी सविंदर कौर, उनके परिवार के अन्य सदस्य व रिश्तेदार और वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री शहनवाज हुसैन व दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता भी उपस्थित थे। 
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
बाबा हरदेव सिंह महाराज और उनके दामाद अवनीत की अंतिम यात्रा बुराड़ी मैदान से फूल माला लगी दो अलग-अलग गाड़ियों में कड़ी सुरक्षा के बीच  सुबह नौ बजे निकली। करीब दोपहर एक बजे निगम बोध घाट पहुंचीं। गाड़ियों के आगे बाबा व दामाद के बड़े-बड़े फोटो लगे हुए थे। सबसे पहले बाबा का पार्थिव शरीर गाड़ी से उतारा गया। उनके रिश्तेदार और अनुयायी द्वारा पार्थिव शरीर को सीधे सीएनजी शवदाह गृह में ले जाया गया।
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान वहां मौजूद उनके अनुयायी नम आंखों से विभिन्न जयघोष करने लगे। कुछ देर बाद बाबा के दामाद अवनीत का पार्थिव शरीर गाड़ी से उतार कर शवदाह गृह के अंदर ले जाया गया। बाबा और उनके दामाद का अंतिम संस्कार संत निरंकारी मिशन की परंपरा के अनुसार किया गया। अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया पूरी करने में करीब एक घंटा लगा। इस दौरान उनके परिजनों के अलावा अन्य लोगों को शवदाह गृह में जाने की इजाजत नहीं थी। 

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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
घाट पर फूलमाला लगाकर बाबा को दी श्रद्धांजलि- निरंकारी बाबा को निगम बोध घाट स्थित सीएनजी शवदाह गृह पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उस पर फूलमालाएं लगा रखी थीं। इसी तरह गृह के दरवाजे और उसके बाहर भी फूल मालाएं लगाई हुई थी। जमीन पर गुलाब के फूल बिछा रखे थे। इसी तरह घाट के सीएनजी शवदाय गृह की ओर गेट पर भी फूलमाला रखी थी। 
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
घाट पर 10 बजे ही पहुंचने लगे थे अनुयायी - निरंकारी बाबा और उनके दामाद का अंतिम संस्कार करने के मद्देनजर निगम बोध घाट पर देशभर से आए उनके अनुयायी सुबह 10 बजे से ही पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर 12 बजे तक घाट के चारों ओर बड़ी संख्या में जमा हो गए थे। उधर, घाट के अंदर और बाहर व्यवस्था संभालने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ संत निरंकारी मिशन के सुरक्षा विभाग के कर्मी बड़ी संख्या में मौजूद थे। 
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने घाट के अंदर बाबा के परिजन व रिश्तेदारों के अलावा मिशन के प्रमुख लोगों और मीडियाकर्मियों को ही अंदर जाने दिया। घाट के सभी दरवाजे बंद कर रखे थे। इसके अलावा घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बेरिकेड लगा रखे थे, जिन पर दिल्ली पुलिस और मिशन के सुरक्षाकर्मी तैनात थे। वह पूरा परिचय लेने के बाद ही लोगों को अंदर जाने दे रहे थे।
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी की भी परवाह नहीं की- निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज का पार्थिव शरीर लेकर चल रही गाड़ी के पीछे बड़ी संख्या में श्रद्धालु भीषण गर्मी की परवाह किए बिना चल रहे थे । इसके अलावा अंतिम यात्रा के रास्ते में भी दोनों ओर काफी संख्या में बाबा के दर्शन करने और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भक्त उपस्थित थे। बुराड़ी स्थित ग्राउंड से सुबह करीब नौ बजे बाबा की अंतिम यात्रा आरंभ हुई।

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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
करीब आठ किलोमीटर लंबा रास्ता तय करने के बाद उनकी अंतिम यात्रा दोपहर एक बजे निगम बोध घाट पर समाप्त हुई। ग्राउंड से बाबा के पार्थिव शरीर को फूलमाला लगे खुले वाहन पर रखा गया। उनकी अंतिम यात्रा की अगवानी सफेद वस्त्र पहने मिशन के प्रचारक व प्रबंधक महात्मा और वर्दी में सेवादल के सदस्यों ने की। 
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
गुरुमाता सविंदर कौर शव लेऱ्कर चल रहे वाहन के पीछे अपनी गाड़ी में चल रही थीं। उनके पंीछे बाबा के दामाद अवनीत सेतिया के पार्थिव शरीर को खुले वाहन पर रखा गया था। बाबा की पुत्री सुदीक्षा और सेतिया परिवार के अन्य सदस्य इसी पालकी में उनके साथ बैठे थे। वे रास्ते में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए खड़े लोगों का हाथ जोड़कर शुक्रिया अदा कर रही थीं। पूरे रास्ते में उनके पार्थिव शरीर पर लोगों ने फूलों की वर्षा की। 
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