पक्षियों का झुंड। (सभी फोटो- डेजी वर्मा/अमर उजाला)
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तस्वीरों में देखें गुड़गांव के 13 खास नजारे
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इस दौरान बच्चों के लिए प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसका मकसद चाय का प्रमोशन करना था।
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गुड़गांव में नदी किनारे पक्षी।
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मौजूद लोग सभी चायों के बारे में रोचक जानकारियां ले रहे थे।
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मेट्रो स्टेशन की एक झलक।
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आज मार्केट में तकरीबन 500 ब्रांड की चाय मौजूद है। मगर कोई भी नुकसान पहुंचाने वाली नहीं है।
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इसमें बड़ी संख्या में लोगो ने विभिन्न किस्मों के चाय की चुस्की ली। ‘चाय हो जाए’ थीम का यह कार्यक्रम टी बोर्ड ऑफ इंडिया और इंडियन टी एसोसिएशन की ओर से किया गया।
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दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे स्थित एंबियंस मॉल में शनिवार को देश का पहला टी-कॉर्निवल का आयोजन किया गया।
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स्पेशल टी टेस्टिंग सेरेमनी के दौरान जे. थॉमस एंड को प्राइवेट लिमिटेड के एमडी कृष्ण कात्याल ने बताया कि चाय के प्रति लोगों की धारणा बदलने के लिए इस कॉर्निवल को आयोजन किया गया।
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इंडियन टी एसोसिएशन के चेयरमैन अरूण नारायण सिंह का कहना है कि कॉर्निवल के माध्यम से चाय इंडस्ट्री को उपभोक्ताओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
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चाय का उत्पादन बढ़ रहा है। जून 2014 में 141.32 मिनियन किलोग्राम चाय का उत्पादन हुआ था। जून 2013 में यह उत्पादन 136.86 मिलियन किलोग्राम था।