स्वामी चिन्मयानंद को ट्रॉमा सेंटर ले जाती एसआईटी की टीम
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शिष्या ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2005 में स्वामी चिन्मयानन्द के निर्देश पर उन्हें मुमुक्षक आश्रम लाया गया, जहां उन्होंने नशीला पदार्थ खिलाकर उसका यौन शोषण किया और इसका वीडियो बना लिया, जिसके बल पर उसे ब्लैकमेल किया और दो बार उसे गर्भपात भी कराना पड़ा। भाजपा की सरकार बनने के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य सरकार ने 321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत केस वापसी को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।