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सूरजकुंड मेलाः युगांडा से लेकर पंजाब पुलिस के कलाकारों ने मंच पर जमाया रंग, दर्शक झूमने को हुए मजबूर

Mon, 03 Feb 2020 06:26 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद में अरावली की हसीन वादियों में कला और संस्कृति के सतरंगी रंग बिखर रहे हैं। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में देश-विदेश से आए कलाकार अपने मस्ती भरे गीत-संगीत और नृत्य से दर्शकों का मन लुभा रहे हैं। सोमवार को मेले की चौपाल पर पंजाब पुलिस के कलाकारों ने ऐसा रंग जमाया कि हर कोई उनके साथ झूमता दिखा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने मेला परिसर में सांस्कृतिक परेड निकाली, जोकि एक लघु भारत की झांकी प्रस्तुति करती दिखी।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
सूरजकुंड मेले की चौपाल पर सुबह जब कलाकारों ने स्वर लहरियों की तान छेड़ी तो वहां आए दर्शक थिरक उठे। कार्यक्रम की शुरुआत मेले के थीम स्टेट हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों ने बिगुल बजाकर कर की। हिमाचल के मंडी जिले से आए कलाकारों ने असां तां जाणा ठाकुरद्वारा लोकगीत पर मनोहारी नृत्य की प्रस्तुति दी।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद हरियाणवी कलाकारा मोंटी शर्मा व उनकी टीम ने भांग रगड़ कै पिया करूं, मैं कंडी सोटे आला सूं..रागनी पर लोकनृत्य से दर्शकों को भी नाचने पर मजबूर कर दिया। पंजाब पुलिस के कलाकारों ने चौपाल पर ढोलों की थाप छेड़ी तो हर कोई नाचने पर मजबूर हो गया। 

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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
पंजाब पुलिस के कलाकार मस्त अली और हरविंदर कौर ने गीत और नृत्य का सिलसिला शुरू किया तो दर्शकों की बार-बार मांग पर रूकने का नाम ही नहीं लिया। कदे साड्डी गली वी आया करो जी..काला शा काला, मेरा काला ए सरदार, मेरा ढोल जवानियां मारै आदि गीतों पर दर्शक और विदेशी कलाकार तक मंच पर नाचने जा पहुंचे। चौपाल पर कश्मीर की रूबीना ने अपनी साथी कलाकारों के साथ बुमरो-बुमरो श्याम रंग बुमरो गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी तो हर कोई उनके साथ मस्ती से झूमने लगा। 
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
विदेशी कलाकारों ने भी जमाया रंग 
चौपाल पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों के अलावा विदेशी कलाकारों ने भी जमकर रंग जमाया। अफ्रीका महाद्वीप के देश मलावी के लोक कलाकारों ने मलिपेंगा नामक नृत्य की प्रस्तु ति दी। इसमें उन्होंने दिखाया कि युद्ध के बाद सैनिक जीत की खुशी में अपने राजा के सामने परंपरागत वाद्य यंत्रों की धुन पर नाचते है तो साथ ही शहीद हुए सैनिकों से बिछुड़ने की भावना भी व्यक्त की जाती है।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
वियतनाम के कलाकारों ने भी अपनी लोक नृत्यशैली से दर्शकों का मन मोह लिया। कजाकिस्तान की कलाकार सैयदा ने लैला मजनूं के किस्से से लैला की प्रेम भावना को दर्शाते हुए मनमोहक नजानी नृत्य प्रस्तुत किया। तंजानिया के लोक कलाकारों ने लंबे समय के बाद अपने मित्र-परिजनों से मिलने की खुशी में किए जाने वाले संगरूरा डांस को पूरी मस्ती से किया। इसे देख दर्शक दीर्घा में बैठे लोग नाच उठे। 
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मेले में निकाली सांस्कृतिक परेड
सूरजकुंड मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने सोमवार दिन में सांस्कृतिक परेड निकाली। इस परेड में सबसे आगे हिमाचल प्रदेश के कलाकार कुल्लू के दशहरे की प्रस्तुति देते हुए चल रहे थे। इसके बाद कश्मीर के कलाकार नृत्य करते हुए चल रहे थे।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
उनके पीछे पीछे राजस्थान के कलाकार ठोलों की थाप पर कालबेलियां नृत्य की प्रस्तुति दे रहे थे तो उनके पीछे हरियाणा के कलाकार बीन की प्रस्तुति दे रहे थे। इसके अलावा पूर्वोत्तर व दक्षिण भारत के कलाकार भी उस परेड में शामिल थे। 
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