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80 घंटे बाद भी सुदीक्षा के आरोपी घूम रहे खुलेआम, पिता ने बयां किया दर्द, बोले- बेटी इस दुनिया से...

Thu, 13 Aug 2020 09:34 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, औरंगाबाद
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सुदीक्षा भाटी केस में जांच करती पुलिस - फोटो : amar ujala
औरंगाबाद थाना क्षेत्र में बीते दिनों सड़क हादसे का शिकार हुई छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत को 80 घंटे का लंबा समय बीत चुका है। पुलिस दर्जनभर वीडियो फुटेज देखकर बुलेट मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध युवकों की तलाश में जुटी है। लेकिन, नतीजा अभी तक सिफर ही है। मामले में एसआईटी समेत पांच टीमें जुटी हैं। लेकिन, अभी तक कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। 
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सुदीक्षा भाटी - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा के गांव डेरी स्कनर निवासी अमेरिका में पढ़ रही छात्रा सुदीक्षा भाटी की बीते सोमवार सुबह करीब 9 बजे गांव चरौरा मुस्तफाबाद के पास सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घटना को 80 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस की पांच टीमें औरंगाबाद में चप्पे चप्पे की खाक छानने के बाद भी किसी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच सकी हैं। एसआईटी प्रभारी और सीओ सिटी दीक्षा सिंह का एक हमराह अपराध शाखा की टीम के साथ सिविल में पैदल तलाश करते चल रहा है। टीम हाईवे के दोनो ओर लगे सीसीटीवी कैमरों वीडियो फुटेज कब्जे लेकर जांच कर रही है। इस समय एसआईटी टीम के पास करीब दर्जनभर वीडियो फुटेज हैं। लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी नतीजे पर नही पहुंच सकी है। 

वहीं, अब फिलहाल एसआईटी को दो वीडियो ऐसी मिली हैं जो घटना के पांच मिनट पहले की है तो दूसरी पांच मिनट बाद की है। घटना से पहले वीडियो में काले कलर की बुलेट पर दो लोग जाते दिख रहे हैं। जिनमें से एक युवक हेलमेट पहने हुए है, जबकि उसकी बुलेट पर करीब 45 से 50 वर्ष का अधेड़ बैठा दिख रहा है। घटना के बाद वाली वीडियो में दो नई उम्र के युवक आते दिख रहे हैं। दोनो युवक लाल रंग की टीशर्ट पहने हुए हैं। जबकि उनके मुंह पर मास्क के साथ हेलमेट भी दिखाई नहीं दे रहा है। कुल मिलाकर इस मामले में पुलिस को अभी तक ठोस सुबूत हाथ नहीं लगा है।  
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सुदीक्षा भाटी के घर पहुंची एसआईटी - फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर से स्याना तक सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस
औरंगाबाद में एसआईटी टीम को जो वीडियो फुटेज मिली है। उसमें कोई भी ऐसा क्लू नहीं मिला है। जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके। बृहस्पतिवार की सुबह एसआईटी टीम ने निर्णय लिया कि अब बुलंदशहर से लेकर स्याना तक हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जाएगा। इसके लिए औरंगाबाद पुलिस की एक टीम को लगाया गया है।

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थाने में खड़ी बुलेट्स - फोटो : amar ujala
34 हुई बुलेट की संख्या
काले कलर की बुलेट मोटरसाइकिल की थाने पर पहुंचने की संख्या में इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे तक 34 बाइकें थाने पर पहुंच चुकी हैं। ग्राम प्रधानों से संपर्क करके पुलिस टीम बुलेट को थाने पर पहुंचाने की बात कह रही है। 
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लोगों से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : amar ujala
घटनास्थल से जुटाए सुबूत, व्यापारियों से हुई पूछताछ
थाना क्षेत्र के गांव चरौरा मुस्तफाबाद स्थित घटनास्थल पर बृहस्पतिवार शाम एसपी सिटी के साथ एसआईटी प्रभारी दीक्षा सिंह अपनी टीम के साथ पहुंची। एसपी सिटी ने एसआईटी की टीम को दोबारा से पेट्रोल पंपों के साथ अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने के निर्देश दिए। इससे साफ है कि पुलिस अभी तक अंधेरे में तीर चला रही है। यहां एसआईटी की टीम ने घटनास्थल से सुबूत एकत्रित किए हैं। फिर से घटनास्थल को बारीकी से देखा गया है। बाद में एसआईटी टीम गांव स्थित एक मार्केट पर पहुंची। वहां टीम ने व्यापारियों से घटना की जानकारी ली। पूछताछ के बाद टीम कई व्यापारियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। सूत्रों के अनुसार पता चला है कि एसआईटी को जो वीडियो -फोटो मिले है। उनमें कई बुलेट सवार युवकों के फोटो साफ नजर नहीं आ रहे हैं। जिनको लैब में भेजने की तैयारी की जा रही है। 
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सुदीक्षा और उसके पिता जितेंद्र भाटी - फोटो : amar ujala
सुदीक्षा के पिता ने एसआईटी प्रभारी के सामने बयां किया दर्द
स्कॉलर छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में गठित एसआईटी की प्रभारी सीओ सिटी दीक्षा सिंह बृहस्पतिवार को मृतका के गांव डेरी स्कनर पहुंचीं। बताया गया कि एसआईटी प्रभारी सीओ के सामने सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी ने अपना दर्द बयां किया। जितेंद्र भाटी ने कहा कि उनकी बेटी इस दुनिया से चली गई। पुलिस आरोपियों को खोजने की बजाए इसकी जांच में जुटी है कि सुदीक्षा जिस बाइक पर सवार थी, वह कौन चला रहा था। जितेंद्र ने कहा कि बाइक सुदीक्षा चला रही थी या निगम, कोई तो चला ही रहा था। लेकिन आरोपियों को पकड़ने में कोई रुचि नहीं ले रही है। हादसा तो हुआ है, पुलिस को यह स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने सीओ से कहा कि सड़कों पर ऐसा माहौल होना चाहिए कि कोई भी सुरक्षित सफर कर सके। किसी को कोई दिक्कत न हो। एसआईटी प्रभारी ने पीड़ित पिता से काफी देर बातचीत की। सूत्रों ने बताया कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में जो संदिग्ध दिखे हैं, उनकी फुटेज भी सुदीक्षा के चचेरे भाई निगम को दिखाई गई है जिससे कि वह उन्हें पहचानने की कोशिश करे। इसके अलावा औरंगाबाद थाने में खड़ी बुलेट मोटरसाइकिलों की फुटेज भी निगम को दिखाई गई है। क्योंकि निगम ही इस हादसे का प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी है।

पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही बाइक सवार युवकों का पता लगाकर राजफाश कर दिया जाएगा। 
 संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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