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Delhi: एक साथ उठे एक ही परिवार के छह जनाजे, कब्रिस्तान में हर आंख थी नम; की गई इन सात लोगों की सलामती की दुआ

Sun, 13 Jul 2025 09:05 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अस्पताल में भर्ती गोविंद, दीपा, ज्योति, रवि, परवेज, नावेद और शीजा को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। परवेज के बेटे अहमद का जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है। 
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अब्दुल मतलूब, पत्नी राबिया, बेटे जावेद और अब्दुल्लाह के साथ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह वेलकम स्थित जनता कॉलोनी में ढही चार मंजिला इमारत ने एक ही परिवार के छह लोगों की जिंदगी छीन ली। रविवार दोपहर जब अस्पताल से एक के बाद एक छह जनाजे निकले और कब्रिस्तान पहुंचे, तो हर आंख नम थी। क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग आखिरी रस्म में शरीक होने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे। भीड़ ज्यादा होने के कारण शवों को वेलकम की ईदगाह में ही गुस्ल (नहलाने) की रस्म अदा की गई। इसके बाद सभी शवों को वेलकम के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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जनाजे में शामिल लोग - फोटो : अमर उजाला
जनाजे में हजारों लोग हुए जमा
अब्दुल मतलूब के भतीजे सरफराज ने बताया कि पुलिस की ओर से रविवार सुबह 10 बजे जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी पहुंचने को कहा गया था। परिजन मौके पर पहुंचे और सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पोस्टमार्टम के बाद करीब तीन बजे शव परिवार को सौंपे गए। शवों को अलग-अलग एंबुलेंस के जरिये सीधे ईदगाह लाया गया, जहां अंतिम नमाज में शामिल होने के लिए हजारों लोग जमा हुए। गम और खामोशी के बीच पूरे सम्मान और रस्मों के साथ सभी शवों को एक साथ दफना दिया गया।
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शव को ले जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
माता-पिता, भाइयों और बहन का जनाजा देखकर फूट-फूटकर रो पड़े परवेज और नावेद
इससे पहले अब्दुल मतलूब की बेटी आफिया उर्फ मोनी तो परिजनों के शव देखकर बेसुध हो गई। होश आने पर अपने मामा से लिपटकर रोने लगी। उसका कहना था शुक्रवार को ही तो अम्मी, बाजी और भाई उसके घर से लौटे थे। दिल्ली पहुंचकर उसने अपने परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की थी। अगले दिन सुबह उसको यह मनहूस खबर मिली। मतलूब के दूर दराज से शायद ही कोई रिश्तेदार होगा जो दिल्ली उनके घर न पहुंचा हो। अस्र की नमाज के बाद जैसे ही छह जनाजे एकसाथ उठे तो नावेद, परवेज और आफिया बिलख पड़े। पड़ोसी और रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला।

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मृतकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला
मतलूब भाई बेहद मिलनसार और अच्छे इंसान थे
पड़ोसी डॉ. जहांगीर ने बताया कि मतलूब भाई बेहद मिलनसार और अच्छे इंसान थे। उनके सभी बच्चे भी शरीफ और खुशमिजाज थे। पड़ोसियों के हर गम और खुशी में शामिल होते थे। जहांगीर और पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद अनवर ने बताया कि हादसे के बाद से न तो कोई मोहल्ले वाला सोया और न किसी के घर खाना बना है। शनिवार पूरी रात मोहल्ले वालों ने गली में बैठकर गुजारी है।
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जनाजे में शामिल लोग - फोटो : अमर उजाला
अहमद को वार्ड में किया शिफ्ट
अस्पताल में भर्ती गोविंद, दीपा, ज्योति, रवि, परवेज, नावेद और शीजा को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। परवेज के बेटे अहमद का जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत में सुधार है। उसे वेंटिलेटर से हटाकर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। परिजन उसकी सलामती की दुआएं कर रहे हैं।

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