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Shraddha Case: आफताब को दिल्ली शिफ्ट होने में मदद करने वाले से पूछ सवाल, मुंबई के होटल स्टाफ से भी होगी पूछताछ

Mon, 21 Nov 2022 01:56 PM IST
शाहरुख खान एएनआई, मुंबई
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Shraddha Murder Case - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धा वालकर हत्याकांड की जांच कर रही दिल्ली पुलिस जांच के सिलसिले में रविवार को मुंबई के मीरा रोड इलाके में पहुंची। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली पुलिस और मानिकपुर में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति से पूछताछ की है जिसने श्रद्धा के लिव-इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला को दिल्ली पहुंचने में मदद की थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा कि वसई पूर्व में एक फ्लैट में श्रद्धा और आफताब दिल्ली जाने से पहले एक साथ रहते थे। अब दिल्ली पुलिस ने गोविंद यादव नाम के एक व्यक्ति से पूछताछ की है, जिसने कथित तौर पर वसई ईस्ट के फ्लैट से दिल्ली के छतरपुर तक घरेलू सामान ले जाने में मदद की थी। 
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Shraddha Murder Case - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धा और आफताब ने सामान शिफ्टिंग के लिए 20,000 रुपये दिए गए थे। 5 जून, 2022 का बिल मिला है। हालांकि गोविंद ने पुलिस को बताया कि वह आफताब से कभी नहीं मिला और न ही उसे व्यक्तिगत रूप से जानता है। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने के बाद उसने माल शिफ्ट किया था।


 
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Shraddha Murder case - फोटो : अमर उजाला
आरोपी आफताब पूनावाला ने जून में महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई ईस्ट के अपने फ्लैट से 37 बक्सों में दिल्ली में शिफ्ट कराया था। इसके लिए 20,000 रुपये का भुगतान किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूनावाला ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि दिल्ली जाने से पहले, वह और श्रद्धा इस बात को लेकर लड़े थे कि पालघर के वसई इलाके में उनके घर से सामान ले जाने के लिए कौन भुगतान करेगा।

 

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सीसीटीवी में कैद हुआ आफताब - फोटो : अमर उजाला
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे पता लगाएंगे कि गुडलक पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी के माध्यम से जून में फर्नीचर और अन्य घरेलू सामानों के परिवहन के लिए 20,000 रुपये का भुगतान करने के लिए किसके खाते का इस्तेमाल किया था।

 
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Shraddha Murder case - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की टीम ने रविवार को उस घर के मालिक का बयान भी दर्ज किया, जहां श्रद्धा और आफताब 2021 में रुके थे। इसके अलावा पुलिस ने मुंबई के पास मीरा रोड इलाके में उस फ्लैट के मालिक का भी बयान दर्ज किया, जहां आरोपी के परिवार के सदस्य एक पखवाड़े पहले तक रह रहे थे। 

 
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Shraddha walker murder case - फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि इस साल मई में दिल्ली में पूनावाला ने वाकर (27) की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। उसने उसके शरीर को कई टुकड़ों में काट दिया और उन्हें कई दिनों तक निपटाने से पहले अपने फ्लैट में फ्रिज में रखा। 

 
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Shraddha Murder case - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धा हत्याकांड की मुंबई में जांच के लिए जुटी दिल्ली पुलिस की एक टीम शहर के उस पांच सितारा होटल के कर्मचारियों से पूछताछ करेगी, जहां आरोपी आफताब पूनावाला ने ट्रेनी शेफ के तौर पर काम किया था। दिल्ली पुलिस के दो अधिकारी आफताब के बारे में स्टाफ से पूछताछ करेंगे, जबकि एक अधिकारी पालघर के वसई में जांच करेगा। 
 

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Shraddha walker murder case - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले रविवार को जांच में दिल्ली पुलिस की टीम ने एक हाउसिंग सोसाइटी के सचिव का बयान दर्ज किया, जहां आरोपी आफताब अमीन पूनावाला अपने परिवार के साथ रहता था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम ने पालघर जिले के वसई इलाके की यूनिक पार्क हाउसिंग सोसाइटी के सचिव अब्दुल्ला खान का रविवार को एक घंटे से अधिक समय तक बयान दर्ज किया। 

 

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Shraddha Murder case - फोटो : अमर उजाला
खान ने पुलिस को बताया कि आफताब के परिवार ने करीब 20 दिन पहले अपना घर खाली कर दिया था। अब इसे किराए पर दे दिया है। हालांकि खान ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि आफताब का परिवार कहां गया और उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी साझा दिया, लेकिन अब वो नंबर बंद है। 
 

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आरोपी आफताब को जंगल में लेकर पहुंची पुलिस - फोटो : एएनआई
उधर, श्रद्धा हत्या कांड में दिल्ली पुलिस को बद्री नाम का शख्स मिल गया है। पुलिस ने बद्री के बयान दर्ज कर लिए हैं। बद्री आफताब श्रद्धा को हिमाचल प्रदेश में मिला था। छतरपुर के रहने वाले बद्री ने ही श्रद्धा और आफताब को छतरपुर में मकान दिलाया था। बद्री ने पुलिस को बताया कि उसने भी श्रद्धा और आफताब को  झगड़ा होते हुए देखा था।

 
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Shraddha walker murder case - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धा हत्याकांड की जांच दिल्ली पुलिस से सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग करते हुए एक प्रैक्टिसिंग वकील ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की। दलील में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में प्रशासनिक/कर्मचारियों की कमी और साक्ष्य और गवाहों को खोजने के लिए पर्याप्त तकनीकी और वैज्ञानिक उपकरणों की कमी के कारण कुशलतापूर्वक जांच नहीं की जा सकती है क्योंकि घटना लगभग छह महीने पहले हुई थी
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