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माह-ए-रमजान: दिल्ली के बाजारों में दुकानें सजीं, पाकिस्तान, बांग्लादेश और सऊदी की टोपी की मच रही धूम; तस्वीरें

Sat, 01 Mar 2025 07:15 PM IST
श्याम जी. नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जामा मस्जिद के आस-पास के बाजार पूरे शबाब पर हैं। चांदनी चौक, मीना बाजार, उर्दू बाजार में लोगों के लिए पैर रखने तक की जगह नहीं है। यही नहीं, प्रमुख बाजार तो दूर अस्थायी दुकानें भी सजी हुई हैं। खरीदारों की भीड़ देख दुकानों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
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रमजान पर बाजार गुलजार - फोटो : अमर उजाला
माह-ए-रमजान रविवार से शुरू हो गए हैं। बाजारों में कपड़ों से लेकर धार्मिक टोपियों की दुकानें सज गई हैं। त्योहार पर लोगों के बीच मिर्जा गालिब व अफगानी टोपी का क्रेज है। दूर-दराज इलाकों व अन्य राज्यों से लोग आकर इन टोपियों की मांग कर रहे हैं। टोपियों की दुकानों में खरीदारों की काफी संख्या देखने को मिल रही है। बाजारों में इन दिनों विभिन्न देशों की तरह-तरह की टोपी मौजूद हैं। यही नहीं पाकिस्तान, बांग्लादेश, सऊदी अरब की टोपियों ने भी धूम मचा रही है, लेकिन पाकिस्तानी कराकुल टोपी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। मांग इतनी अधिक है कि दुकानदारों के लिए इसे पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
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टोपियां - फोटो : अमर उजाला
बाजार पूरे शबाब पर
जामा मस्जिद के आस-पास के बाजार पूरे शबाब पर हैं। चांदनी चौक, मीना बाजार, उर्दू बाजार में लोगों के लिए पैर रखने तक की जगह नहीं है। यही नहीं, प्रमुख बाजार तो दूर अस्थायी दुकानें भी सजी हुई हैं। खरीदारों की भीड़ देख दुकानों के चेहरे भी खिले हुए हैं। ऐसे में उन्हें इस वर्ष अच्छी खरीदारी होने की उम्मीद है। लोग जमकर इत्र, कुर्ता-पजामा, सेवई और ड्राईफ्रूट व खजूर की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि रमजान के मद्देनजर टोपियों की खरीदारी बढ़ गई है। 
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टोपी की दुकान - फोटो : अमर उजाला
छाली व डिजाइनदार टोपी की अधिक खरीदारी
दुकानदारों ने बताया कि सबसे अधिक टोपियां बग्लादेश, सऊदी अरब, दुबई, अफगानिस्तान से आती हैं। उन्होंने बताया कि 70 से चार हजार रुपये से अधिक की टोपी बिक रही है। हालांकि, लोग अपनी जेब के अनुसार इन्हें खरीद रहे हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए लोग सूती की छाली व डिजाइनदार टोपी की अधिक खरीदारी कर रहे हैं।

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टोपी की दुकान - फोटो : अमर उजाला
200 तरह की टोपियां उपलब्ध
मीना बाजार स्थित 20 साल से टोपी का कारोबार कर रहे रेहमान ने बताया कि बांग्लादेश के बाद भारत, पाकिस्तान, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्की की टोपी बिक रही है। यही नहीं, बरकाती, हक्कानी, चांद-तारा, अलिफ, फारूक, आजम, सना, सीरिया, पाकीजा, जीनत, उमर, सुन्नत, बेत टोपी, तुर्की, फ्लावर फोम व मोती वाली समेत 200 तरह की टोपी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की कराकुल टोपी दुनिया के कई बड़े नेता पहनते हैं और इसकी खास बात यह है कि यह टोपी पूरी तरह से हाथ से बनी होती है।
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खजूर की दुकान - फोटो : अमर उजाला
पठानी कुर्ते बने लोगों की पहली पसंद
बाजार में दिल्ली, कोलकाता व लखनऊ का कुर्ता-पायजामा इस बार खूब देखने को मिल रहा है। खासतौर पर दिल्ली व लखनऊ के कुर्ते की मांग अधिक है। दिल्ली के कुर्ते थोड़े महंगे हैं। जबकि लखनऊ के कुर्ते सस्ते। हालांकि, युवा सर्वाधिक पठानी कुर्ता पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा, ईद के लिए कुर्ता पायजामा की दुकानों पर ग्राहकों की अधिक भीड़ देखने को मिल रही है।

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खजूर की दुकान - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ का चिकन वर्क किया हुआ कुर्ता पसंद 
ग्राहक लखनऊ का चिकन वर्क किया हुआ कुर्ता पसंद कर रहे हैं। युवाओं को फैंसी स्टाइल का कुर्ता अधिक पसंद आ रहा है। साथ ही, पठानी सूट की भी मांग है। वहीं, बुजुर्ग सफेद रंग के परंपरागत कुर्ता खरीद रहे हैं। दुकानदार महताब अली के मुताबिक महंगाई के बावजूद लोग अपनी पसंद के कपड़े की खरीदारी कर रहे हैं। गर्मी की वजह से सूती सूट पांच से छह सौ रुपये में बिक रहा है। शरारा व गरारा की कीमत 700 से 1000 रुपये के बीच है।
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खजूर की दुकान - फोटो : अमर उजाला
सऊदी अरब के अजवा खजूर की मांग अधिक
रमजान के इन दिनों में फैनी की भी खासी मांग है। ड्राईफ्रूट के थोक कारोबारी राहुल कुमार ने बताया कि सऊदी अरब की अजवा खजूर की मांग अधिक है। इसके शहर में मुंबई, दिल्ली, इंदौर व गुजरात से खजूर आता है। जो दो सौ से 1500 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसके अलावा काजू, किशमिश व बादाम की भी सर्वाधिक मांग हैं। उन्होंने बताया कि खजूर के साथ-साथ बादाम, काजू, किशमिश, अंजीर और पिस्ता जैसे सूखे मेवों की मांग भी बढ़ी हुई है। रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार में पोषक तत्वों से भरपूर चीजें खाने का रिवाज है, जिससे इन चीजों की भी बिक्री बढ़ जाती है। इसके अलावा, रूह अफजा, शरबत-ए-अलसी और फलों के रस जैसे पेय पदार्थ भी लोगों की पसंद होते हैं।
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सेवई - फोटो : अमर उजाला
सेवई मूल्य प्रति किग्रा
सादी सेवई 60 रुपये
छत्ते वाली सेवई 100-120 रुपये
किमामी सेवई 100-120 रुपये
बनारसी सेवई 140 व 160 रुपये
भुनी सेवई 140 रुपये
लाल लच्छा 150-200 रुपये
सफेद लच्छा 100-150 रुपये
बनारसी लच्छा 160 रुपये
सूतफेनी 200 रुपये
रुमाली 130 रुपये
दूध फेनी 170 रुपये
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