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छतरपुर शूटआउट: पुलिसवालों पर भारी पड़े फोर्ड एंडेवर के काले शीशे, 4 पुलिसवाले नहीं होते घायल

Mon, 11 Jun 2018 10:11 AM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
इसे मुठभेड़ करने वाले पुलिसकर्मियों की गलतफहमी कहें या फिर फोर्ड एंडेवर कार के काले शीशे, जिसके चलते पुलिसकर्मी घायल हो गए। मुठभेड़ करने वाली टीम के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि पुलिस के जवानों ने ई-क्लब रोड पर दोनों तरफ से बदमाशों की गाड़ियों फोर्ड एंडेवर व आई-20 को घेर लिया था।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने अपनी जिप्सी इन गाड़ियों से सटाकर लगा दी और भागने का रास्ता रोक दिया। बदमाशों को कहीं से भागने का मौका नहीं मिला। अपनी गाड़ियों से उतरकर पुलिसकर्मी बदमाशों की गाड़ियों की तरफ बढ़ने। फोर्ड एंडेवर के चारों शीशे काले थे। इससे पुलिसकर्मियों को गाड़ी के अंदर क्या हो रहा है, वह दिखाई नहीं दिया। दूसरी तरफ, डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि घायल पुलिसकर्मी व बदमाश कपिल की हालत खतरे से बाहर है।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी ने बताया कि अक्सर ये होता है कि बदमाशों को पकड़ने के लिए काफी पुलिसकर्मी जाते हैं। भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को देखकर घिरे हुए बदमाश फायरिंग नहीं करते और सरेंडर कर देते हैं। छतरपुर मुठभेड़ को अंजाम देने के समय भी यही समझा गया कि पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या को देखते हुए बदमाश फायरिंग नहीं करेंगे। ये सोचकर पुलिसकर्मी फोर्ड एंडेवर के काफी नजदीक पहुंच गए थे।

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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
इसमें सवार राजेश भारती व अन्य बदमाशों ने सरेंडर करने की बजाय शीशों को थोड़ा नीचे कर पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। एक के बाद एक पुलिसकर्मी घायल होकर नीचे गिरने लगे। ये देखकर इंस्पेक्टर प्रभात ने फायरिंग करने का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस के जवानों ने फायरिंग शुरू की। टीम में शामिल एक जवान ने एके-47 से गोली मारकर फोर्ड एंडेवर का शीशा तोड़ा और उसके बाद एके-47 से बस्ट किया। इसके बाद बदमाश काबू में आए और वहीं ढेर हो गए।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुलेट प्रूफ जैकेट के चलते पुलिसकर्मियों की जान बच गई। एसीपी पंकज सूद समेत कई पुलिसकर्मियों को छाती में गोली लगी है, मगर वह बुलेट प्रूफ जैकेट पहने हुए थे। फोर्ड एंडेवर कार से साढ़े तीन लाख रुपये, 80 कारतूस, बैग से एक और पिस्टल बरामद की गई है। दूसरी तरफ फार्म हाउस मालिक लाडो सराय निवासी संजीत फरार हो गया। फोर्ड एंडेवर संजीत की है और उसने ही बदमाशों को दी थी। 
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
कई महीने से फार्म हाउस में ले रहे थे शरण पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजेश भारती गिरोह के गैंगस्टर संजीत के फार्म हाउस में शरण लेने कई महीने से आ रहे थे। वह शुक्रवार रात को भी फार्म हाउस में रुके थे। शनिवार दोपहर जब ये फार्म हाउस से निकल रहे थे तो उसी समय मुठभेड़ हुई। दक्षिण जिला पुलिस में इस बात की चर्चा होती रहती थी कि संजीत के फार्म हाउस में गैंगस्टर शरण लेने आते हैं।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
डॉ हंस नागर पर हमले में संजीत से हुई थी पूछताछ दक्षिण जिला पुलिस ने डॉ हंस नागर पर जानलेवा हमला मामले में फार्म हाउस मालिक व पेशे से प्रॉपर्टी डीलर संजीत से पूछताछ हुई थी। हालांकि उस समय संजीत ने पुलिस को कुछ नहीं बताया था। मुठभेड़ के बाद संजीत अपने घर व फार्म हाउस से फरार हो गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि संजीत ने बदमाशों को अपनी फोर्ड एंडेवर गाड़ी क्यों दी और क्या पहले भी देता था।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
घायल कपिल संजीत का है पीएसओ डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि घायल कपिल फार्म हाउस मालिक संजीत का पीएसओ है। उसने लाइसेंसी पिस्टल ले रखी है। इसके बाद जयवीर भी संजीत का पीएसओ है। जयवीर मौके से फरार हो गया था। पुलिस यह देख रही है कि कपिल व जयवीर के राजेश भारती गिरोह से कोई संबंध हैं या नहीं।
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