फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ड्राइविंग की दुनिया में सुरक्षा के लिए ये नुस्खे अपनाती हैं शन्नो

Sun, 23 Aug 2015 05:40 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
दिल्ली में कैब ड्राइवरों द्वारा अपराधों की बढ़ती संख्या के बीच महिलाओं का टैक्सी या कैब चलाना अच्छा संकेत है। शन्नो बेगम की उम्र ज्यादा नहीं थी जब उनके पति चल बसे। ऐसे में चार बच्चों की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर आ गई। शन्नो की बड़ी बेटी ने उसे आजाद फाउंडेशन के बारे में बताया। जो महिलाओं को ड्राइविंग के जरिए जीविका कमाने के लिए आत्मनिर्भर बनाता था। वहीं 39 वर्षीय माया देवी ड्राइवर के तौर पर आठ साल से काम कर रही हैं। पहले वे सिर्फ महिलाओं के लिए ही ड्राइविंग करती थी।
विज्ञापन

ड्राइविंग की दुनिया में सुरक्षा के लिए ये नुस्खे अपनाती हैं शन्नो

2 of 6
लेकिन अब महिलाओं और पुरूषों दोनों के लिए ड्राइविंग करती हैं। ड्राइविंग का ये रास्ता शन्नो और माया दोनों के लिए ही इतना आसान नहीं था। इस पेशे में वे अनेक मुसीबतों और सवालों से गुजर चुकी हैं। जिसमें महिलाओं का ड्राइवर बनकर गाड़ी चलाने को लेकर सामाजिक नजरिया भी शामिल है। वहीं माया बताती हैं कि वे केवल कक्षा 8 तक पढ़ी हैं लेकिन वे अपने परिवार का जीवन स्तर सुधारना चाहती थी। इसलिए उन्होंने ड्राइविंग को अपनाया।
विज्ञापन

ड्राइविंग की दुनिया में सुरक्षा के लिए ये नुस्खे अपनाती हैं शन्नो

3 of 6
माया कहती हैं कि उनके आस-पास के लोगों ने उन्हें कई बार हतोत्साहित करने की भी कोशिश की। लोग कहते थे कि अगर महिलाएं, पुरुषों का काम करेंगी तो वे कहां जाएंगे। उनसे बार-बार सलाह दी गई कि वे ड्राइविंग छोड़कर घरेलू काम करें। लेकिन इन सब बातों से उनका हौसला पस्त नहीं बल्कि और भी बुलंद हुआ। इतना ही नहीं पुरूष ड्राइवर कई बार उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए रेस लगाने की भी कोशिश किया करते थे। लेकिन माया उन्हें अपने ही अंदाज में जवाब देती थी।

ड्राइविंग की दुनिया में सुरक्षा के लिए ये नुस्खे अपनाती हैं शन्नो

4 of 6
शन्नो को परिजनों से भी अपने पेशे को लेकर सुनना पड़ता था। उनकी सास उन्हें कहती थी कि ये महिलाओं के करने लायक काम नहीं है। वह भी तब जबकि देर रात तक बाहर रहना पड़ता है और अनजान लोगों से बात करनी पड़ती है। लेकिन उनकी बेटी ने उन्हें हौसला दिया और उनका समर्थन किया। अपने काम को बिना ड़रे और सुरक्षा के साथ करने के लिए उनसे आत्म रक्षा के गुर सीखें। माया और शन्नो ने इसके लिए उन्होंने ट्रेनिंग ली कि कैसे पीछे सीट पर बैठे व्यक्ति के हमले से बचा जाए और कैसे सुरक्षित ड्राइविंग की जाए।

विज्ञापन

ड्राइविंग की दुनिया में सुरक्षा के लिए ये नुस्खे अपनाती हैं शन्नो

5 of 6
माया का मानना है कि इससे वे देर रात में भी विश्वास के साथ गाड़ी चला सकती है। शन्नो कहती है कि आत्म रक्षा के साथ-साथ सावधान रहना भी जरूरी होता है। वे इसके लिए छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान देती हैं। वे हमेशा मिर्ची पाउडर, पेन और एक कैंची की जोडी अपने आस-पास रखती हैं। जब उन्हें रास्ता पूछना होता है तो वे खिड़की को पूरी तरह नहीं खोलती और हमेशा लॉक दरवाजे के साथ ही ड्राइविंग करती हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता जब अपने बच्चों को लेने आते हैं तो वे कहते हैं कि उन्हें ये देखकर गर्व होता है, एक महिला स्कूल वैन चला रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ड्राइविंग की दुनिया में सुरक्षा के लिए ये नुस्खे अपनाती हैं शन्नो

6 of 6
माया मुस्कुराते हुए बताती हैं, इसे सुनकर उन्हें खुशी मिलती है। वहीं शन्नो के लिए गौरव का लम्हा वो था, जब एक विदेशी परिवार को वे लोकल टूर पर लेकर गई थी। उस समय जैसे ही शन्नो ने लाल किले की पार्किंग में गाड़ी लगाई थी तो सभी पुरुष ड्राइवर चौंक गए थे। उन्होंने आकर शन्नो के पास आकर उसे बधाई भी दी थी। फिल्म अभिनेता आमिर खान शन्नो को अपने शो में भी बुला चुके हैं। शन्नो और माया फिलहाल अपने पेशे के साथ खुश हैं। शन्नों का सपना बीएमडब्ल्यू चलाना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें