दिल्ली के शालीमार बाग की बीजी कॉलोनी में रविवार को रूपाली का पूरा परिवार एक ही झटके में खत्म हो गया। घटना से एक घंटे पहले ही रूपाली ने पति मधुर और दोनों बच्चों के साथ बैठकर नाश्ता किया था। बच्चों और पति की मौत के बाद रूपाली का रो-रोकर बुरा हाल है। बेसुध अवस्था में वह शवों को टकटकी लगाए देखते हुए खुद को कोस रही है कि आखिर वह बाजार गई ही क्यों। उसका कहना है कि वह घर में रुक जाती तो शायद यह घटना नहीं होती।
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मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शालीमार बाग में मधुर पत्नी रूपाली के साथ दो साल से किराये के मकान में रह रहा था। बेटा श्रेयांश और बेटी समीक्षा के साथ परिवार काफी खुश दिखता था। छह महीने पहले मधुर की प्राइवेट नौकरी चली गई थी। इस वजह से वह परेशान रहने लगा। धीरे-धीरे घर की आर्थिक स्थिति भी खराब होती चली गई। पत्नी रूपाली ने बताया कि अक्सर मधुर उससे परेशानी साझा करता था, लेकिन उसने यह कदम क्यों उठाया, यह बताना मुश्किल है।
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मौके पर जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मधुर अपने बच्चों से भी बहुत प्यार करता था। उन्हें बेहतर शिक्षा देकर डॉक्टर व इंजीनियर बनाना चाहता था, लेकिन फिलहाल उनकी स्कूल की फीस भी जमा कर पाना मुश्किल था। रूपाली को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि पति ने ही बच्चों की हत्या की है। घटना की जानकारी के बाद मधुर के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। उन्हें देखकर रूपाली बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। पुलिस का कहना है कि वारदात की वजहों की जांच की जा रही है।
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मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
घर से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद पूरे घर को खंगाला गया है, लेकिन कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने मधुर का शव बरामद होने पर उसकी जेब से भी सुसाइड नोट की तलाश की थी। पुलिस मधुर के सोशल मीडिया अकाउंट के साथ उसकी मोबाइल कॉल डिटेल भी निकाल रही है।
खुदकुशी से मेट्रो सेवा हुई बाधित
मधुर के हैदरपुर मेट्रो के सामने खुदकुशी करने के बाद मेट्रो सेवा कुछ देर के लिए बाधित हो गई। घटना से स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। शाम के वक्त मेट्रो के इंतजार में खड़े यात्रियों में भगदड़ मच गई। मेट्रो के सुरक्षाकर्मियों ने शव को ट्रैक से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। इस पूरी घटना के बाद समयपुर बादली से हुडा सिटी सेंटर की ओर जाने वाली मेट्रो देरी से चली।