शैलजा की हत्या करने के बाद मेजर निखिल हांडा अपने कैरियर को लेकर काफी चिंतित हो गया था। हत्या करने के बाद तनाव की स्थिति में वह अपनी पत्नी व बच्चे से मिलने आरआर अस्पताल पहुंचा। वहां पत्नी से झगड़ा कर वह घर के लिए निकला। घर पहुंचकर निखिल ने पहले अपने भाई, बाद में सीआर पार्क में रहने वाले चाचा को हत्याकांड के बारे में बता दिया।
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निखिल हांडा
पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनों ने उससे पुलिस के सामने समर्पण करने के लिए कहा था। निखिल इसके लिए तैयार नहीं हुआ और दक्षिणी दिल्ली के एक बड़े वकील के घर पहुंच गया। वकील से कई घंटे की मुलाकात के दौरान निखिल ने सभी कानूनी पहलुओं पर चर्चा की और वहां से निकल गया। निखिल ने पुलिस को बताया कि वकील ने भी उससे सरेंडर करने के लिए कहा था।
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shailza murder
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की जांच को देखते हुए उसने सेना के अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का मन बनाया। इसके लिए प्लान तैयार करने के लिए वह मेरठ निकल गया। निखिल का कहना है कि उसके दिमाग में उस समय काफी उथल-पुथल थी। निखिल का कहना है कि उसे बिल्कुल भी यकीन नहीं था कि दिल्ली पुलिस इतनी जल्दी उस तक पहुंच जाएगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि निखिल बता रहा है कि वह सेना के सामने सरेंडर कर कुछ दिन तक पुलिस की कार्रवाई से बच सकता था, लेकिन उसके प्लान पर पानी फिर गया।
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आरोपी निखिल हांडा
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने बेहद प्रोफेशनल तरीके से पुलिस को चकमा देने का प्रयास किया था। उसे अच्छी तरह पता था कि पुलिस रास्ते के टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक करेगी। यही वजह है कि उसने मेरठ के दौराला क्षेत्र में बने टोल को शनिवार रात 2:12 बजे पार किया।
इसके बाद वह यू-टर्न लेकर वह वापस 2:39 बजे मेरठ की ओर लौट आया। वहां से वह सीधा सेना के अधिकारी मेस पहुंचा। वहां उसने एक कमरा लिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी अपनी कार भी ठिकाने लगाने का प्लान बना रहा था। पुलिस ने सारे प्लान पर पानी फेरकर उसे दबोचा और कार बरामद कर ली।