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शाहीन बाग: प्रदर्शनकारियों ने निकाला सरकारी आदेश से बचने का जुगाड़, हर 2 मीटर की दूरी पर लगाए तख्त

Tue, 17 Mar 2020 10:47 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शाहीन बाग में लगाए गए तख्त - फोटो : अमर उजाला
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने एक स्थान पर 50 से अधिक लोगों के एकत्र न होने के दिल्ली सरकार के आदेश से बचने के लिए जुगत निकाल ली है। अब धरनास्थल पर महिलाओं के लिए 100 से अधिक तख्त मंगाए गए हैं। प्रत्येक तख्त और चौकियों पर दो महिलाओं को ही बैठने की इजाजत होगी। इन हर दो मीटर की दूरी पर पड़े तख्त पर महिलाएं बैठ तो रही हैं, लेकिन उन्हें वायरस का खौफ भी सता रहा है। इससे बचने के लिए महिलाओं ने हाथों में सैनिटाइजर ले रखा है। बुजुर्ग महिलाओं ने मुंह पर मास्क लगा लिया है।
 
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शाहीन बाग में धरने पर बैठीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अब छोटे-छोटे समूहों में बैठ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए एमबीबीएस के छात्र इलाके में जागरूकता फैला रहे हैं। ये प्रदर्शनकारियों की जांच भी कर रहे हैं। शाहीन बाग के आंदोलन के 94 दिन हो गए हैं। कुछ दिन से कोरोना वायरस का खौफ है। इसी कारण जमीन से शुरू हुआ धरना तख्त पर पहुंच गया है। 
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शाहीन बाग में मौजूद प्रदर्शनकारी महिलाएं - फोटो : ANI
आयोजकों के लगाए तख्त पर बैठकर महिलाएं सीएए का विरोध कर रही हैं। बुजुर्गों ने एहतियात के तौर पर मास्क लगाया है और बच्चों को प्रदर्शनस्थल से दूर रखने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 50 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक वाले आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि दंगा हुआ तो केजरीवाल लोगों की जान बचा सकते थे, पर उन्होंने कुछ नहीं किया। उनका आरोप है कि केजरीवाल सरकार केंद्र के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरने को बीमारी का खौफ दिखाकर खत्म करने की साजिश रच रही है।

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शाहीन बाग में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
सोसाइटी के लोगों की अपील भी ठुकराई 
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए शाहीन बाग के आसपास की सोसाइटियों के लोग डरे हुए हैं। उन्होंने मंगलवार को धरनास्थल पहुंचकर वायरस के खतरे को देखते हुए प्रदर्शनकारियों से हटने की अपील की, पर उन्होंने इसे ठुकरा दिया। 
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शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
सरिता विहार के अजय शर्मा का कहना है कि उनके बच्चे अक्सर इस इलाके से पैदल नोएडा की ओर जाते हैं। प्रदर्शनस्थल पर देशभर से लोग पहुंचते हैं। इससे वायरस का प्रकोप फैलने का खतरा है।
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