पुलिस सूत्रों के मुताबिक, देशद्रोह का आरोपी शरजील इमाम भड़काऊ भाषण देने से पहले भी पीएफआई के लोगों के संपर्क में था। उनसे बातचीत के बाद ही शरजील मंच पर विवादित भाषण देने जाता था। अपराध शाखा के रडार पर पीएफआई के नौ से अधिक लोग हैं। इनमें से कुछ शाहीन बाग इलाके में ही कार्यालय चला रहे हैं।
शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों की मानें तो शाहीन बाग में पीएफआई के पांच कार्यालय लंबे वक्त से चल रहे हैं। इनमें पिछले कुछ दिन से जेएनयू और जामिया के छात्रों का आना-जाना बढ़ गया है। इन्हीं छात्रों में से एक शरजील इमाम है। वह 13 व 15 जनवरी को शाहीन बाग स्थित पीएफआई के कार्यालय में गया था। उसकी कॉल डिटेल से भी खुलासा हुआ है कि मंच पर पहुंचने से पहले भी उसने पीएफआई के लोगों से बातचीत की थी।
शाहीन बाग में प्रदर्शन
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सूत्रों की मानें तो जांच में पता चला है कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के पीछे पीएफआई के लोग हैं। इन्हें दक्षिण के एक राज्य से फंडिंग की जा रही है। इस पूरे प्रकरण पर अपराध शाखा के साथ-साथ कई खुफिया एजेंसियों की भी नजर है।
गौरतलब है कि शाहीन बाग में बीते 49 दिन से सीएए के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन में बच्चे, बूढ़े और महिलाएं शामिल हैं।विश्वविद्यालय के छात्र भी शाहीन बाग के प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। इसी बीच शनिवार को शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल से करीब 150 मीटर दूर पुलिस बैरिकेट के पास एक युवक ने सांप्रदायिक नारेबाजी करते हुए हवा में दो गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। बैरिकेट के पास मौजूद पुलिसकर्मियों और सीआरएफ के जवानों ने उसे दबोचा लिया।