देश की राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेव की इमारत की पहली मंजिल पर मंगलवार दोपहर जब आग लगी तो वहां जैद व आयशा समेत पांच बच्चे खेल रहे थे। जैद व आयशा पिछले कमरे और तीन अन्य बच्चे आगे के कमरे में थे। आग लगने के बाद परिवार की एक महिला ने बाहर के कमरे में खेल रहे तीन बच्चों को बचा लिया, लेकिन पिछले कमरे में खेल रहे आयशा व जैद की ओर उनका ध्यान नहीं गया।
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बिल्डिंग में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
यह भी कहा जा रहा है कि आग लगने के 15 से 20 मिनट तक परिजनों को यह भी नहीं पता था कि बच्चे कहां हैं। काफी देर बाद जब उन्हें याद आया कि बच्चे पहली मंजिल पर पिछले कमरे में हैं, तब तक आग बहुत बढ़ गई थी। बचाए गए बच्चों ने ही जैद व आयशा के पहली मंजिल पर होने की जानकारी दी थी।
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बिल्डिंग में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 200 गज के प्लॉट पर बनी इमारत की हर मंजिल पर कई कमरे हैं। पहली मंजिल पर बच्चों के दादा-दादी रहते थे, अत: बच्चे यहां खेलने आ जाते थे। कमरे भी भूलभुलैया जैसे हैं। बाकी मंजिलों पर भी परिवार के छह से ज्यादा लोग फंस गए थे।
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इसी बिल्डिंग में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों ने सीढ़ी लगाकर और खिड़कियों को तोड़कर इन्हें बचा लिया था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस अधिकारी आग का कारण पहली मंजिल पर लगे पावर प्लग में शॉट सर्किट को बता रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पॉवर प्लग में शॉट सर्किट के बाद आग वहां रखे सोफों में लग गई।
इसके बाद आग भड़की और पूरी मंजिल पर फैल गई। आग इतनी विकराल थी कि पहली मंजिल पर रखा पूरा सामान जल गया। कुछ मिनटों में आग ने ऐसा विकराल रूप ले लिया कि बच्चों को बचाने का मौका भी नहीं मिला। आग पर काबू पाकर फायरकर्मी अंदर पहुंचे तो दोनों बच्चे जली हालत में पड़े थे।