फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: फोन लेने गई संगीता फंस गई इमारत में, धुंए में दम घुटकर हुई मौत

Sat, 13 Jul 2019 10:19 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- हादसे के समय शुएब और मंजू दूसरी मंजिल स्थित दफ्तर में थे मौजूद, वह भी धुंए की चपेट में आए
- हादसे के बाद परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल, डेढ़ साल से शुएब कर रहा था फैक्टरी में काम
- परिजनों ने लगाया फैक्टरी मालिक पर लापवाही बरतने का आरोप, पुलिस कर रही मामले की छानबीन
-हादसे के समय शुएब और मंजू दूसरी मंजिल स्थित दफ्तर में थे मौजूद, वह भी धुंए की चपेट में आए 
-झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्टरी में आग लगने का मामला 

 
विज्ञापन
1 of 5
fire in jhilmil - फोटो : ANI
झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया के फ्रेंड्स कालोनी हुए हादसे में जान गंवाने वाली संगीता को नही पता था कि उसका छोटा सा लालच उसके लिए जानलेवा साबित होगा। दरअस्ल आग लगने के बाद जैसे ही ऊपरी मंजिल में धुंआ फैला संगीता फौरन नीचे की ओर भागी, लेकिन उसे अचानक याद आया कि उसका मोबाइल ऊपर दूसरी मंजिल पर रह गया है।
विज्ञापन

2 of 5
मृतक संगीता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
संगीता उसे वापस लाने के चक्कर में दूसरी मंजिल पर फंस गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले शुएब और मंजू की लाश में इसी फ्लोर पर मिली है। बाकी मजदूर किसी तरह बिल्डिंग से बाहर निकल गए। हादसे के बाद तीनों के परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है।
विज्ञापन

3 of 5
fire in Factory at jhilmil - फोटो : अमर उजाला
संगीता परिवार के साथ फेज-2, गली नंबर-11 कृष्णा विहार, मंडोली में रहती थी। इसके परिवार में पति श्रवण कुमार के अलावा दो बेटे व एक बेटी है। संगीता पिछले दस सालों से यहां मजदूरी करती थी। फैक्टरी में संगीता की ननद भी यहां काम करती है।

4 of 5
fire in Factory at jhilmil - फोटो : ANI
शनिवार को उसकी तबीयत खराब होने के कारण वह फैक्टरी नही गई थी। श्रवण को उसकी बहन ने ही हादसे की सूचना दी थी। वहीं मंजू परिवार के साथ गली नंबर-2, आनंद विहार, लोनी, गाजियाबाद में रहती थी। इसके परिवार में पति सीताराम, तीन बेटी व दो बेटे हैं। मंजू पिछले आठ सालों से यहां काम कर रही थी। हादसे के समय वह फैक्टरी के ऑफिस में किसी काम के लिए शुएब के पास गई थी। इसी दौरान वह हादसे की चपेट में आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
fire in Factory at jhilmil - फोटो : social media
दूसरी ओर शुएब परिवर के साथ गली नंबर-19 ब्रह्मपुरी में रहता था। इसके परिवार में पिता वाहिद अली, मां फातिमा बेगम और एक बहन सबिहा है। दरअसल फैक्टरी एक मालिक वसीम की शादी शुएब की गली में ही हुई थी। शुएब को उसी वजह से नौकरी मिली। शुएब फैक्टरी में हिसाब-किताब का काम देखता था। इसके बदले उसे 10 हजार रुपये मिलते थे। हादसे के बाद तीनों के परिवार का रोते-रोते बुरा हाल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें