fire in Factory at jhilmil
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शनिवार को उसकी तबीयत खराब होने के कारण वह फैक्टरी नही गई थी। श्रवण को उसकी बहन ने ही हादसे की सूचना दी थी। वहीं मंजू परिवार के साथ गली नंबर-2, आनंद विहार, लोनी, गाजियाबाद में रहती थी। इसके परिवार में पति सीताराम, तीन बेटी व दो बेटे हैं। मंजू पिछले आठ सालों से यहां काम कर रही थी। हादसे के समय वह फैक्टरी के ऑफिस में किसी काम के लिए शुएब के पास गई थी। इसी दौरान वह हादसे की चपेट में आ गई।