साहब वर्दी में हैं, इन्हें कौन रोकेगा : बीके चौक के पास से गुजरते इन साहब ने न तो हेलमेट पहन रखा है और न ही इनकी मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट मानकों के अनुरूप है। मगर साहब वर्दी में हैं, इन्हें कौन रोकेगा।
बादशाह खान अस्पताल में किसी काम से आए ये थानेदार साहब भी बिना हेलमेट पहने ही मोटरसाइकिल दौड़ा रहे हैं और उनकी उसकी नंबर प्लेट भी टूटी हुई है। मगर चिंता काहे की, हम तो दूसरों का चालान करते हैं, हमारा कौन करेगा।
इन साहब ने 60-70 हजार रुपये की नई मोटरसाइकिल तो ले ली, मगर 700 रुपये का हेलमेट नहीं लिया गया। अब थानेदार साहब को समझाने की जरूरत तो नहीं है कि हेलमेट इनकी सुरक्षा के लिए ही है।