देश की राजधानी दिल्ली के गोल मार्केट स्थित एनएडीएमसी स्कूल में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला थमता दिखाई नहीं दे रहा है। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को स्कूल खुलने पर अभिभावकों ने एक बार फिर हंगामा किया। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों से स्कूल प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में बात की। हालांकि अभिभावक स्कूल के जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आए। बच्चों का स्कूल से नाम कटवाकर टीसी (ट्रांसर्फर सर्टिफिकेट) लेने की प्रक्रिया की जानकारी लेते रहे।
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हंगामा करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को स्कूल के अंदर व बाहर पुलिस तैनात रही। पुलिस की मौजूदगी में स्कूल की प्रिंसिपल ने अभिभावकों की बातों को सुना, लेकिन वह घटना को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। अभिभावकों का कहना है कि बातचीत का कोई हल नहीं निकला और सिर्फ तसल्ली मिली है। स्कूल प्रशासन ने मंगलवार को एक बार फिर से बातचीत के लिए बुलाया है।
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मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अभिभावकों का यह भी कहना है कि प्रशासन सिर्फ बातचीत कर लीपापोती कर रहा है और घटना से पल्ला झाड़ रहा है। स्कूल की छुट्टी होने से पहले कुछ अभिभावक स्कूल के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें अंदर आने की इजाजत नहीं दी गई। गुस्से में अभिभावक स्कूल का गेट तोड़ने का प्रयास करने लगे। इसके बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया। इस दौरान अभिभावकों की पुलिस से भी नोक-झोंक हुई।
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स्कूल में हंगामा करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घटना को लेकर अभिभावकों में डर और गुस्सा दोनों है। एक अभिभावक ने बताया कि घटना के बाद से वह काफी डरी हुई हैं वह स्कूल भेजकर अपनी बच्चियों को लेकर निश्चित हो जाती थी, लेकिन अब उन्हें स्कूल भेजने में डर लग रहा है। आपको बता दें कि पीड़ित छात्रा के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दस अगस्त को ही कोर्ट में हो चुके हैं। बच्ची ने अपने बयानों में अपने साथ हुई पूरी घटना बताई। बच्ची अपने बयानों पर पूरी तरह कायम है।
स्कूल ने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, गार्ड लगाने और प्रिंसिपल से मिलने के लिए अभिभावकों को एक कार्ड देने की बात कही है। अभिभावकों को इसके लिए तीन से चार दिन का समय दिया गया है। लेकिन अभिभावक चाहते थे कि स्कूल प्रशासन लिखकर दे कि स्कूल में अब बच्चियां सुरक्षित रहेंगी, वरना वह अपने बच्चों को स्कूल से निकाल लेंगे।