दिल्ली में लगातार हो रही बरसात जहां राजधानी के मौसम में ठंडक लाई है तो वहीं एक डर भी यहां के लोगों को सता रहा है। अभी तीन दिन ही हुए हैं कि तेज बारिश ने राजधानी की पोल खोल कर दी है। (सभी फोटो: अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली)
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इस वजह से बरसात के आतंक में जीने को मजबूर दिल्ली वाले
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आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि दिल्ली में बरसात के पानी की निकासी की व्यवस्था दशकों पुरानी है।
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इस वजह से बरसात के आतंक में जीने को मजबूर दिल्ली वाले
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1976 वो साल था जब आखिरी बार दिल्ली में बारिश के पानी के निकासी के लिए मास्टरप्लान बनाया गया था।
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उसके बाद लगातार साल दर साल यूं ही निकलते चले गए, लेकिन दिल्ली की फिक्र किसी को ना हुई।
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अब आलम ये हो चला है कि चंद घंटों की बारिश ही दिल्ली के इलाकों को डुबो कर रख देती है।
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कहा जा रहा है 1976 से लेकर अबतक राजधानी को लगभग 200 प्राकृतिक नालों का नुकसान हो चुका है जिनसे बरसात का पानी बहकर निकल जाता था।
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अब निकासी की व्यवस्था इस कदर बदहाल हो चुकी है कि कुछ ही घंटों की बारिश में आधी दिल्ली पानी में तैरती नजर आती है।
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पिछले 36 घंटों में 200 मिली मीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है सरकार कह रही है कि वो लगातार निगरानी कर रहे हैं, लेकिन स्थिति निगरानी से बदलने वाली नहीं है।
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लोग अपनी जिंदगी से ज्यादा आसमान से बरसे पानी को दिल्ली से निकालने में ज्यादा मशक्कत करते दिखाई देते हैं।
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रोजाना सड़कों पर व्यवसाय करने वाले लोगों की रोजी रोटी भी चौपट नजर आ रही है।
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टूटी सड़कें और जाम रही सही कसर भी पूरी कर देती हैं। जिस वजह से ट्रैफिक व्यवस्था की कमर ही टूटी पड़ी है।
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तस्वीरें हैरान भी करती हैं और परेशान भी क्योंकि अभी दिल्ली में मानसून की शुरूआत भर ही है और आलम ये हो चला है कि घंटों के जाम डूबते इलाकों में दिल्ली के लोग सफर कर रहे हैं।
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डीटीसी की बसें,कारें हो, या फिर आम आदमी पैदल ही क्यों ना हो सभी की मुसीबत बारिश हो ना हो,लेकिन बारिश के पानी की निकासी जरूर बन गई है।