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ब्रजपाल के घर को दूर से देखने आते थे लोग, एक बार करता था कमिटमेंट तो फिर किसी की नहीं सुनता था

Sat, 09 Jun 2018 11:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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raid on brajpal chaudhary house - फोटो : अमर उजाला
ब्रजपाल चौधरी तीन बार नोएडा एंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष बनें। इस कार्यकाल के दौरान बृजपाल काफी रसूख रखते थे। लोगों का कहना है कि रसूख ऐसा कि कोई उनकी बात को भी नहीं काटता था। ब्रजपाल ने वर्ष 1981 में बतौर जूनियर इंजीनियर नोएडा प्राधिकरण में ज्वाइन किया। इसके बाद सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए 1992 में एनईए का अध्यक्ष पद पा लिया। वह 1998 तक अध्यक्ष के पद पर काबिज रहे। हालांकि, 1998 के बाद 2002 से 2004 तक वह दो वर्ष के लिए फिर से एनईए अध्यक्ष बने।
 
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raid on brajpal chaudhary house - फोटो : अमर उजाला
कार्मिक विभाग की मानें तो इसी वर्ष दिसंबर में ब्रजपाल को रिटायर होना है। इससे पहले ही वह आयकर विभाग के रडार पर आ गए। लोगों का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद शायद उनकी ओर किसी का ध्यान भी नहीं जाता। प्राधिकरण में बृहस्पतिवार को दिनभर ब्रजपाल चौधरी की ही चर्चा रही। प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी भी आयकर छापे को लेकर काफी बेचैन देखे गए। महिला से कनेक्शन ढूंढ रहे अधिकारी सूत्र बताते हैं कि आईटी की टीम फरीदाबाद में भी छापा मारने पहुंची।
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raid on brajpal chaudhary house - फोटो : अमर उजाला
ब्रजपाल की एक प्रॉपर्टी की छानबीन की तो पता चला कि पास का ही एक मकान भी ब्रजपाल का ही है। उसमें जो महिला मिली तो उसने तो सीधे ब्रजपाल से कनेक्शन की बात कही। उसके दो बच्चे भी हैं। इस बात की चर्चा बृहस्पतिवार को प्राधिकरण में भी रही। 

 

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raid on brajpal chaudhary house - फोटो : अमर उजाला
लोगों ने तो यहां तक कहा कि बृजपाल के बागपत के बड़े-बड़े नेताओं से भी संबंध रहे हैं। यही नहीं बृजपाल की संपत्तियों के बारे में भी लोग बातचीत करते रहे। इसमें कॉलेज, होटल आदि की चर्चा रही। मूलरूप से साहिबाबाद के ही रहने वाले हैं। साहिबाबाद व इंदिरापुरम के आसपास भी काफी प्रॉपर्टी बताई जा रही है।
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raid on brajpal chaudhary house - फोटो : अमर उजाला
काली कमाई से एक इंजीनियरिंग कॉलेज भी खरीदा था। आयकर की टीम को ब्रजपाल के यहां से ऑडी, क्रेटा, मर्सडीज व सियाज भी मिली है। सेक्टर-27 में ब्रजपाल की कोठी पर आईटी ने छापा मारा, वह कोठी करीब 20 साल पहले बनाई थी। उस वक्त माना जाता था कि नोएडा में इससे अच्छी कोठी किसी की नहीं है और लोग इसे देखने आते थे।
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