raghav chadha
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राघव ने अपने हटाए जाने के साथ ही बीजेपी में साधू-बाबाओं की एंट्री पर भी चुटकी ली। मध्य प्रदेश में एक साधु-बाबा को मंत्री के तौर पर नियुक्त करना और सभी को भारी रकम और घर, गाड़ी, बंगला देना बीजेपी की नज़र में सही है, लेकिन उनकी नजर में शिक्षाविद आतिशी मर्लीना जैसे लोगों को काम करने का कोई हक नहीं है। जो सिर्फ 1 रुपए प्रति माह की तनख्वाह पर दिन-रात दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम कर रहे थे।