एयरपोर्ट टर्मिनल थ्री पर रेडियो एक्टिव पदार्थ का सुरक्षित क्षेत्र से बाहर आना ही एक बड़ी लापरवाही है। अगर एयरपोर्ट कर्मी अलर्ट ना होता, तो शायद बड़ी घटना घट सकती थी।
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रेडियोएक्टिव पदार्थ
- फोटो : ANI
हालांकि कोई दुर्घटना होती, उससे पहले ही 21 सितंबर में एयरपोर्ट पर हुई मॉक ड्रिल में शामिल एयरपोर्ट कर्मी ने उससे सीख लेते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को सूचित कर दिया।
नई दिल्ली डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि रेडियो एक्टिव पदार्थ में कोई लीकेज नहीं है।
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मगर उस रसायन को जिस सुरक्षित कार्गो एरिया में रखना था, उसके बजाय वह दूसरे जोन में चला गया। अगर समय पर एयरपोर्ट कर्मी की नजर नहीं पड़ती, तो कुछ भी हो सकता था। उन्होंने कहा कि 21 सितंबर को हमने खासतौर से रेडियो एक्टिव पदार्थ को लेकर एक मॉक ड्रिल की थी।
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रेडियोएक्टिव पदार्थ
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मॉक ड्रिल में खासतौर से इससे निपटने की जानकारी एयरपोर्ट कर्मियों को दी गई थी। जिस कर्मी ने रेडियो एक्टिव पदार्थ को असुरक्षित जोन में देखा, उसने इसकी सूचना आगे दे दी।
हालांकि इसमें लीकेज नहीं था, लेकिन उसका अलर्ट होना अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि रेडियो एक्टिव पदार्थ का दूसरे जोन में जाना एक बड़ी लापरवाही है। इसके लिए कार्गो का काम देखने वाली एजेंसी से जवाब मांगा गया है।