rabea girls school
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों बोले, दे सकते थे सूचना बच्चियों के परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रशासन को फीस नहीं मिली थी तो परिजनों को जानकारी क्यों नहीं दी। सुबह जब परिजन बच्चियों को स्कूल लाए थे तो उन्हें तभी लौटा देना चाहिए था। बच्चियों का नाम भी काटा जा सकता था, लेकिन स्कूल ने ऐसा नहीं किया। बच्चियों को भूखा-प्यासा तहखाने में बंद कर दिया गया। परिजनों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।