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पुरुषोत्तम मासः 13 जून तक न करें ये 14 काम, हो सकता है बुरा परिणाम

Tue, 22 May 2018 09:51 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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lord vishnu
हिंदी पंचांग के अनुसार 16 मई से अधिक मास जिसे मल मास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं शुरू हो चुका है जो 13 जून तक चलेगा। बता दें कि हिंदी कैलेंडर में ये महीना तीन साल में एक बार आता है और इसे बेहद दुर्लभ माना जाता है। जानकारों के अनुसार जैसे श्रावण(सावन) मास के स्वामी भगवान शिव होते हैं वैसे ही अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु होते हैं। यही कारण है कि इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस मास में कई काम करने से जहां पुण्य मिलता है, वहीं कई काम इस माह में वर्जित माने गए हैं। इसका मतलब है कि इन कामों को इस महीने में नहीं करना चाहिए वरना आपकी परेशानी बढ़ सकती है। जानिए कौन से वो काम हैं जिन्हें महिला हो या पुरुष इस माह में करने चाहिए और क्या नहीं करने चाहिए...
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god - फोटो : god
कौन से काम नहीं करने चाहिए-
-पुरुषोत्तम मास में विवाह नहीं करना चाहिए
-मुंडन संस्कार
-नए घर के निर्माण कार्य का शुरुआत
-नए घर में प्रवेश
-यज्ञोपवीत संस्कार
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god - फोटो : god
-निजी उपयोग के लिए भूमि खरीदना
-वाहन खरीदना
-नववधू का ग्रह प्रवेश
-नए कुआं या बोरिंग का काम करवाना आदि काम वर्जित किए गए हैं।
इसके साथ ही कुछ और बातें हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है...

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god - फोटो : god
-सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर सूर्य देव को जल जरूर चढ़ाएं। दोपहर व शाम को भी सोने से बचें।
-पति-पत्नी प्रेम से रहें, गृहक्लेश में न पड़ें। घर में अशांति से भगवान की कृपा नहीं मिलती।
-घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें क्योंकि लक्ष्मी हमेशा साफ सुथरे घर में ही निवास करती हैं।
-मांसाहार और नशे से बचें। इसके साथ ही अपवित्र चीजों के सेवन से भी बचें।
-माता-पिता व बुजुर्गों का अपमान न करें
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पौधारोपण
कौन-कौन से काम करने चाहिए-
पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु के अवतारों की पूजा की जाती है। तो इस माह में ये काम करने चाहिए...
तीर्थ यात्रा करना
पौधे लगाना
दान देना
सार्वजनिक हित में काम करना
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vishnu - फोटो : vishnu
अधिकमास के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं, इसीलिए इस पूरे समय में विष्णु मंत्रों का जाप विशेष लाभकारी होता है। ऐसा माना जाता है कि अधिक मास में विष्णु मंत्र का जाप करने वाले साधकों को भगवान विष्णु स्वयं आशीर्वाद देते हैं, उनके पापों का शमन कर मनवांछित फल की प्राप्ति कराते हैं।
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