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शहीद अजय के अंतिम संस्कार में दिग्गज भाजपा नेताओं ने फिर की बड़ी चूक, लोग भड़क गए सारे तो जूते उतारे

Tue, 19 Feb 2019 05:59 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में मेरठ के जांबाज अजय कुमार शहीद हो गए। मंगलवार को मोदीनगर के पतला में शहीद अजय का अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन इस बीच एक ऐसी अनचाही घटना हो गई जिससे कुछ देर के लिए श्रद्धांजलि के लिए बने सभा स्थल में हंगामा मच गया। इसका कारण थे भाजपा के केंद्रीय और राज्य मंत्री समेत कई विधायक।
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
दरअसल शहीद अजय कुमार के अंतिम संस्कार में उन्हें अंतिम विदाई देने केंद्रीय राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह, यूपी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ, रालोद नेता जयंत चौधरी, भाजपा नेता व विधायक संगीत सोम स्थानीय विधायक व अन्य नेता पहुंचे थे।
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धांजलि देने के लिए ये सभी नेता जूता पहनकर बैठ गए। इस पर जब स्थानीय लोगों का ध्यान गया तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वो लोग नेताओं से जूता उतारने के लिए कहने लगे। लोगों का आक्रोश इतना बढ़ा कि मजबूर होकर नेताओं को अपना जूता उतारना पड़ गया। इस बीच लोगों के अंदर इस बात को लेकर भी गुस्सा था कि पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में इतनी देर क्यों हो रही है।

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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
इस बीच शहीद अजय के परिवार ने नम आंखों से अपने कलेजे के टुकड़े को अंतिम विदाई दी। घर की महिलाएं तो रो-रोकर बेहाल हो रही थीं।

पिता बोले-‘मैं अपाहिज हो गया, लेकिन खून के बदले खून चाहिए’
सेना से रिटायर्ड वीरपाल सिंह से दूसरे बेटे का साया भी छिन गया। यह दर्द उनकी जुबां पर आ गया। इसके बाद भी वह देश सेवा के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि भले ही मैं अपाहिज हो गया हूं, लेकिन खून का बदला खून से लेने का समय आ गया है। अब सरकार को दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
छह माह के अंदर दोनों बेटे इस संसार से विदा हो गए। बड़े भाई की अचानक मौत हो जाने के बाद से शहीद अजय काफी परेशान थे। लेकिन, मां-पिता और पत्नी के लिए सहारा थे। सोमवार को उनके शहीद होने की खबर आते ही घर में मातम छा गया। 
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भी पिता ने कहा कि कश्मीर में धारा-370 को तुरंत हटाना होगा। आतंकवाद के खात्मे के लिए कड़े निर्णय लेने होंगे। अजय के पिता भी 20-ग्रेनेडियर में तैनात रहे थे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के समय बस देश ही दिखाई देता है। जवान अपने परिवार को भूल जाता है। उसे दुश्मन को करारा जवाब देने की लगी रहती है।
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शहीद अजय कुमार - फोटो : अमर उजाला
‘पत्थरबाजों को गोलियों से उड़ा दो’
मां कमलेश ने कहा कि अब समय है पत्थरबाजों को गोलियों से उड़ाने का। मेरे घर का चिराग बुझा है तो उनका भी बुझना चाहिए। दूसरा बेटा होता तो मैं उसे भी सेना में भेजती। वह हमेशा हमारा ख्याल रखता था। इस बार भी छुट्टी से जाने से पहले कहकर गया था, मां अपना ख्याल रखना।
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