बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। इसे दूर करने का शिक्षा और जागरूकता ही एकमात्र जरिया है। यह मानना है कि यूनिसेफ की ग्लोबल गुडविल अम्बेसडर प्रियंका चोपड़ा का।
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priyanka chopra
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को यूनिसेफ हाउस पहुंची प्रियंका ने लोगों से बच्चों की शादी के बजाए उन्हें किताबों से जोड़ने की अपील की।
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प्रियंका ने कहा कि हम 21वीं सदी की बात करते हैं, लेकिन बाल विवाह के आंकड़े चौंकाने वाले होते हैं।
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सरकार के साथ-साथ आम लोगों को इस बुराई को दूर करने में सहयोग समेत सख्त कदम उठाने होंगे। क्योंकि किसी भी देश के विकास में समाज का विकास बेहद अहम होता है।
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समाज शिक्षित होगा तो देश भी तरक्की करता है। बच्चों को किताब से जोड़ेंगे तो कुछ सालों में यह बुराई अपने आप खत्म हो जाएगी।
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प्रियंका चोपड़ा
बता दें कि सर्वे के मुताबिक, भारत में करीब 20-24 फीसदी महिलाओं की शादी 18 वर्ष से पहले हो जाती है।
यदि राज्यों की बात करें तो राजस्थान में 65 फीसदी लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले हो जाती है। जबकि बिहार में करीब 32 फीसदी लड़कों की शादी 21 साल से पहले कर दी जाती है।