रोहिणी स्थित विजय विहार में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित मामले में शनिवार को दिल्ली पुलिस ने प्रेस वार्ता में अपनी सफाई दी। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मधुर वर्मा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने कभी भी बाबा या उसके आश्रम को किसी मामले में क्लीन चिट नहीं दी।
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baba virendra dev dixit
- फोटो : ANI
विशेष रूप से एक शिकायत को आधार बनाकर बाबा व आश्रम को पुलिस के क्लीन चिट देने की खबरें चला दी गईं। मधुर वर्मा के मुताबिक, इस शिकायत की जांच सेशन कोर्ट की निगरानी में हुई।
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- फोटो : ANI
25 वर्षीय ग्रेजुएट और बीएड पास युवती ने अपनी मर्जी से आश्रम में रहने संबंधी बयान दिया था। इसके बाद युवती को वापस आश्रम भेज दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि पांच परिवारों ने बाबा व आश्रम के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसके बाद दो एफआईआर विजय विहार थाने में हुई हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
छानबीन की गई तो आश्रम में रह रही महिलाओं व लड़कियों ने काउंटर शिकायतें दीं, जिसमें उन्होंने अपनी मर्जी से रहने की बात कही थी। दिल्ली पुलिस की अब तक की कार्रवाई हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश के अनुसार है। अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
पांच शिकायतों में एक पर जनवरी 2017 व दूसरी पर नवंबर 2017 में मुकदमा दर्ज किया गया। नवंबर में राजस्थान की महिला ने शिकायत की थी। युवती ने परिजनों पर जबरन शादी कराने की कोशिश का आरोप लगाया।
महिला ने चार बेटियों को बंधक बनाए जाने और खुद के साथ दुष्कर्म के आरोप भी लगाए थे। वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने महिला आयोग व अन्य लोगों के साथ आश्रम की तलाशी ली। वहां से 41 नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड होम भेजा गया। साथ ही आश्रम से कुछ सामान भी जब्त किया गया।