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प्रद्युम्न हत्याकांड : विशेष बाल सत्र न्यायालय में चलेगा आरोपी छात्र के खिलाफ केस

Sat, 23 Dec 2017 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोपी छात्र को लेकर शुक्रवार को विशेष बाल सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा आरोपी को बालिग करार देने के बाद इस मामले को विशेष महिला एवं बाल सत्र न्यायालय में भेजा गया था।
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
यहां से इसे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जीएस कुंडु की विशेष बाल सत्र न्यायालय में भेज दिया गया। शुक्रवार को पीड़ित पक्ष की तरफ से तीन याचिकाएं लगाई गईं। जिस पर अब 6 जनवरी को सुनवाई होगी।
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
इसी के साथ अब तय हो गया है कि आरोपी छात्र के खिलाफ गुरुग्राम के विशेष बाल न्यायालय में ही मामला चलेगा। ऐसे में सीबीआई को फाइनल चार्जशीट भी यहीं पेश करनी होगी।

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pradyuman thakur - फोटो : अमर उजाला
ज्ञात हो कि 8 सितंबर को भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी छात्र को बालिग करार दिया है। अब पूरा मामला सत्र न्यायालय में ही चलाया जाएगा। बोर्ड द्वारा आरोपी छात्र को हिरासत में भेजे जाने के बाद शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया।
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pradyuman thakur - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
जहां से उसे दोबारा 3 दिसंबर तक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी छात्र की जमानत याचिका पर सीबीआई ने अपना पक्ष रखा। सीबीआई का कहना है कि अभी मामले की तफ्तीश चल रही है, ऐसे में जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
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pradyuman thakur - फोटो : अमर उजाला
उधर आरोपी छात्र के वकील संदीप अनेजा ने सीबीआई की दलील का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी नाबालिग है। ऐसे में 30 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल करनी अनिवार्य है। चार्जशीट फाइल नहीं करने के कारण वह जमानत का हकदार है।
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pradyuman murder case - फोटो : अमर उजाला
हालांकि सीबीआई ने कहा कि यह नियम पुलिस प्रक्रिया पर लागू होती है, सीबीआई के लिए नहीं। दूसरी ओर आरोपी छात्र के वकील ने जुवेनाइल बोर्ड द्वारा फिंगर प्रिंट लेने को गलत ठहराया और आगे की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
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pradyuman thakur - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही सीबीआई द्वारा शुरुआती हिरासत को भी गलत बताते हुए याचिका दायर की। प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर के वकील सुशील टेकरीवाल का कहना है कि छात्र ने संगीन अपराध को अंजाम दिया है। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। 
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