बीते साल दिल्ली में प्रदूषण ने लोगों ऐसे हालात दिखाए थे जो किसी ने सोचा तक नहीं था। स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद करना पड़ा था। पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण ने दिल्ली एनसीआर में हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी थी। ऐसा लग रहा था मानो इस समस्या से निजात पाने के लिए लोग अब हर तरह की सावधानी बरतेंगे, लेकिन इस बार एक बार फिर लोगों ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं।
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दिवाली के बाद सुबह दिल्ली में छाई रही धुंध की चादर
- फोटो : अमर उजाला
दीपावली की रात को लोगों ने सभी प्रतिबंधों को भूलकर धड़ल्ले से आतिशबाजी की। इसके बाद रविवार सुबह का नजारा देखने लायक रहा। ऐसा लग रहा था मानो पूरी दिल्ली धुंध की चादर में ढंक गई हो। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक आईटीओ में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्जी की गई है।
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दिवाली के बाद सुबह दिल्ली में छाई रही धुंध की चादर
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सुबह सवेरे सैर करने के लिए निकले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को कुछ मीटर दूर की चीजें भी नजर नहीं आ रही थीं। आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कतों से सभी परेशान रहे। गलियों और सड़कों पर जो गंदगी फैली है सो अलग।
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दिवाली के बाद सुबह दिल्ली में छाई रही धुंध की चादर
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मालूम हो कि शिकागो यूनिवर्सिटी की शोध संस्था एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट एट द यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो (ईपीआईसी) ने अपने विश्लेषण के जरिए दावा किया है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने यहां के लोगों की उम्र 10 साल कम कर दी है। इसके बावजूद दिल्लीवासियों की इस तरह की लापरवाही चिंताजनक है।
दिवाली के बाद सुबह दिल्ली में छाई रही धुंध की चादर
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हालांकि मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि आज दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के कई राज्यों में बूंदाबांदी से लेकर हल्की बारिश तक की संभावना है। हवा की गति बढ़ने और बारिश होने के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार के आसार हैं।