कभी बेहद खराब तो कभी गंभीर की श्रेणी में रहने वाली वायु गुणवत्ता के बावजूद दिल्लीवासी किसी तरह की सावधानी बरतने को तैयार नहीं हैं। प्रतिबंध होने के बावजूद दिवाली की शाम राजधानी में जमकर आतिशबाजी हुई। रविवार सुबह सड़कों पर फैला कचरा प्रदूषण और स्वास्थ्य के प्रति लोगों की लापरवाही की कहानी बखूबी बयां कर रहा है। आगे तस्वीरों में देखिए दिवाली पर आतिशबाजी के कारण किस कदर बेहाल है दिल्ली-
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आतिशबाजी के बाद सड़कों पर फैला कचरा
- फोटो : अमर उजाला
यह तस्वीर दिल्ली के कृष्णानगर इलाके की है। यहां कॉलोनियों में लोगों ने जमकर पटाखे जलाए और दिवाली मनाई। सुबह गलियों का हाल देखकर लगता ही नहीं है कि यह इलाका उसी दिल्ली का हिस्सा है जहां पटाखे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं।
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आतिशबाजी के बाद सड़कों पर फैला कचरा
- फोटो : अमर उजाला
शाहदरा और दिलशाद गार्डन इलाकों में भी लोगों ने आतिशबाजी की। पटाखों के प्रदूषण की वजह से कॉलोनियों में धुएं की चादर पसर गई। सड़कों से लेकर कॉलोनियों में पटाखों की अवैध बिक्री व उपयोग किया गया। लापरवाही इतनी कि ग्रीन पटाखों की जगह प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों का प्रयोग अधिक हुआ।
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आतिशबाजी के बाद सड़कों पर फैला कचरा
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन इलाके में लोग पटाखे जलाते हुए कैमरे में कैद हो गए। पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में लोगों ने दिवाली पर जमकर पटाखे जलाए। इस दौरान पुलिस की सख्ती नहीं दिखाई दी।
आतिशबाजी के बाद सड़कों पर फैला कचरा
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में रात 10 बजे का एक्यूआई 454 था। जबकि शनिवार शाम को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 378, गाजियाबाद का 456, ग्रेटर नोएडा का 394 और गुरुग्राम का 358 दर्ज किया गया था।