राजधानी में नागरिक संशोधन कानून को लेकर जितने भी दंगे व हिंसक प्रदर्शन हुए हैं उनकी जांच एसआईटी करेगी। डीसीपी क्राइम राजेश देव को इस एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। इस एसआईटी में अपराध शाखा, स्पेशल सेल व स्थानीय थाना पुलिस के अफसर होंगे।
जामिया के छात्रों का प्रदर्शन
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दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आम जनता ने पुलिस को जामिया बवाल से संबंधित काफी वीडियो भेजी हैं। इसके अलावा पुलिस ने जामिया नगर व न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के काफी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ली हैं। इन वीडियो व सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि स्थानीय नेता प्रदर्शनकारियों के साथ चलते हुए भड़काऊ भाषण दे रहे हैं।
जामिया में छात्रों का प्रदर्शन, सेमेस्टर परीक्षाओं का किया बहिष्कार
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबूत पुख्ता होते ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा वीडियो व सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की फोटो बनवाई जा रही हैं। इन फोटो के आधार पर भी आरोपियों की पहचान करवाई जाएगी। पहचान के लिए कुछ स्थानीय लोगों को बुलाया गया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहचान के लिए आम जनता के ज्यादातर लोग आने को तैयार नहीं है। कुछ लोग ही सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस ज्यादातर सीसीटीवी फुटेज व वीडियो से पहचान करने में जुटी हुई है।
जामिया में छात्रों का प्रदर्शन
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पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम तक करीब 30 लोगों की पहचान कर ली थी। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एफआईआर में जिन स्थानीय नेताओं व छात्र नेताओं के नाम हैं उन सबके खिलाफ सबूत मिल गए हैं। जामिया नगर पुलिस को बवाल के बाद 24 घंटे में कुछ 400 कॉल मिली थीं। इनमें से दो से तीन कॉल ऐसी थी जिनमें कॉलर ने कहा था कि प्रदर्शनकारी गोली चला रहे हैं।