अगर स्थानीय पुलिस ने समय रहते मौके की नजाकत को भांप लिया होता, तो बुलंदशहर बवाल से बचा जा सकता था। पुलिस ने गोहत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की और लोगों के समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। उसके बाद पुलिस को लगा कि मामला शांत हो गया है, लेकिन क्षेत्र में गोहत्या की सूचना आग की तरह फैल रही थी, जिसका अंदाजा लगाने में पुलिस व प्रशासन ने चूक की। खुफिया एजेंसियों ने माना है कि अगर थाना पुलिस थोड़ी सजगता दिखाते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स की मांग कर लेती, तो बवाल से बचा जा सकता था। एक घंटे के अंदर हजारों कॉल की गई, जिनका रिकार्ड एजेंसियों ने खंगाला है।