गाजियाबाद के मोदीनगर के पंजाब नेशनल बैंक में हुई करोड़ों की चोरी अपने आप में एक संदेह की बड़ी कहानी कह रही है, कहीं इसमें बैंक के किसी कर्मचारी की मिली भगत तो नहीं है। पुलिस इस दिशा में भी जांच खंगाल रही है, क्योंकि बैंक में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे नहीं।
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सीसीटीवी कैमरे से छेड़छाड़ के पक्के सबूत मिले हैं, इसलिए पुलिस को फिलहाल पुख्ता सबूत मिले नहीं, चोरी के दौरान बैंक में अलार्म, क्यों बजे नहीं। रात के समय बैंक के गेट पर किसी सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी भी नहीं थी।
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मौके पर जांच करने पहुंचे मोदीनगर के एसएचओ ध्रुव भूषण दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला नियोजित चोरी का लग रहा है। क्योंकि जिस तरह से घटना को अंज़ाम दिया गया वह बताता है कि चोर इलाके से पूरी तरह वाकिफ थे।
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बैंक का स्ट्रांग रूम भी उस स्थान पर बना हुआ है, जहां पीछे की ओर घना जंगल है। ऐसे में जिस तरह से बदमाश आए वह खासा नियोजित लग रहा है। पुलिस के मुताबिक कपड़ा फैक्ट्री 10-12 साल से बंद पड़ी है। लॉकर रूम के सीसीटीवी से छेड़छाड़ की गई है।
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जांच में सामने आया है कि स्ट्रांग रूम में चहारदीवारी से पहले 10 सेमी की लोहे की चादर की दीवार होती है। इसके बाद ही स्ट्रांग रूम बनाया जाता है और उसमें कैश या ज्वेलरी रखी जाती है, लेकिन इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक के लाकर रूम में मोदी कपड़ा मिल की तरफ वाली दीवार में कोई लोहे की दीवार नहीं बनी थी ।
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इसके अलावा अमूमन बैंक की छत पर एक बूथ होता है, जिस पर एक गार्ड की ड्यूटी होती है, लेकिन बैंक में ऐसा नहीं था। एसएसपी एचएन सिंह के मुताबिक पुलिस इस लापरवाही के चलते बैंक के प्रबंधक और बैंक के सिक्योरिटी गार्ड़ से पूछताछ करेगी।
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पुलिस ने बताया कि सालों से बंद पड़ी फैक्ट्री में पहले भी चोरी हुई थी। पुलिस को उस दौरान पकड़े गए आरोपियों पर भी अंदेशा है, इसलिए उनकी भी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि चोरों ने फैक्ट्री के अंदर से घुसकर बैंक की स्ट्रांग रूम वाली दीवार में कूमल कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
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करीब 48 घंटे तक बैंक में रहे चोर
सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को बैंक बंद होने के बाद ही चोर रात के समय बैंक में दाखिल हो गए थे। इसके बाद से चोरों ने तसल्ली से बैंक की दीवार में कूमल किया और एक के बाद एक 30 लॉकर्स को तोड़कर उनमें रखी करोड़ों की ज्वेलरी पर हाथ साफ किया।
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इसके अलावा पुलिस मान रही है कि चोरों ने रेकी के बाद ही वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस को ऐसा इसलिए भी लग रहा है कि चोरों ने केवल व्यापारियों के ही लॉकर्स को निशाना बनाया है। चोरों ने एक ही व्यापारी के तीन-तीन लॉक तोड़कर उनमें चोरी की।
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बेटियों की शादी के लिए जमा की थी ज्वेलरी: बैंक में जिन ग्राहकों के लॉकर टूटे उनमें शहर के कईं बड़े और नामी व्यापारी और कारोबारी शामिल हैं। इसके अलावा जिन लोगों के लॉकर टूटने के बाद ज्वेलरी चोरी हुई हैं उन्होंने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उनमें से अधिकतर लोगों ने बेटियों की शादी के लिए ज्वेलरी खरीदकर लॉकर में रखी हुई है।
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चोरी की बात सुनने के बाद उन्हें सदमा लग गया है कि वह बेटी की शादी अब कैसे करेंगी। इसके अलावा कुछ लोगों ने बताया कि उनके पास पुश्तैनी ज्वेलरी थी, जोकि चोरी हो गई।
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वारदात के बाद दिनभर ठप रहा बैंक का काम
जहां एक ओर बैंक में चोरी होने से लोग परेशान थे। वहीं दूसरी ओर बैंक में पुलिस और बैंक अधिकारियों का दिनभर भर जमावड़ा लगा रहा, जिसकी वजह से लगातार तीसरे दिन भी सोमवार को काम ठप रहा।
बैंक में लेन-देन करने वाले लोगों को परेशानियों उठानी पड़ी और यूं ही खाली हाथ घर लौटना पड़ा। वहीं, बैंक के अधिकारियों ने कुछ ग्राहकों को गोविंदपुरी वाली शाखा में भेजा।
हाईवे पर चेकिंग के लिए तीन पीआरवी की ड्यूटी लगाई गई है जो कि एक के बाद एक बैंक के पास आकर खड़ी होती है। इसके सब के बावजूद पुलिस की गाड़ियां बैंक में हुई करोड़ों रुपये की चोरी को भांप नहीं पाई है। दिन में लॉकर टूटने की सूचना जैसे ही लोगों तक पहुंची तो इससे हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ बैंक पर पहुंच गई। हालांकि एसपी देहात के अलावा बैंक पर पुलिस और प्रशासन का कोई आला अधिकारी मौजूद नहीं था। देर शाम जिले के कप्तान एचएन सिंह घटना का मुआयना करने बैंक पहुंचे और उन्होंने कहा कि पुलिस को कुछ सुराग हाथ लग गए हैं। जिनपर काम किया जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।