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PNB बैंक चोरीः अगर चोर कर लेते ये काम तो 30 नहीं 300 लॉकरों से होती चोरी

Wed, 14 Jun 2017 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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bank robbery - फोटो : अमर उजाला
मोदीनगर की पंजाब नेशनल बैंक कपड़ा मिल शाखा में हुई करोड़ों की चोरी और भी बड़ी हो सकती थी। और तब जो नुकसान होता उसका आंकलन भी डराने वाला है।
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bank robbery - फोटो : अमर उजाला
चोरों ने दीवार में कूमल करने से पहले एक सुरंग खोदी थी। सुरंग आर-पार नहीं हो सकी, जिसके चलते चोरों को दोबारा दीवार में छेद करना पड़ा। दोनों छेद करने में लंबा समय लगने के चलते और नाइट मूवमेंट अलार्म के डर से चोर सभी लॉकर को नहीं तोड़ सके। लॉकरों से सामान चोरी होने के बाद गुस्साए ग्राहकों ने बैंक प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को खूब हंगामा किया।
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bank robbery - फोटो : अमर उजाला
चोरों ने बंद टायर फैक्ट्री के कमरे में घुसकर वहां पड़ी कबाड़ अलमारी को हटाया और दीवार में सेंध लगाई। दरअसल, सेंध लगाने से पहले चोरों ने दीवार के निचले हिस्से में एक सुरंग बनाई थी। करीब तीन फीट लंबी सुरंग के आगे सरिए फंसने से चोर उसके आर-पार नहीं जा सके।

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bank robbery - फोटो : अमर उजाला
पहले सुरंग और बाद में सेंध लगाने में चोरों को कई घंटे का समय लग गया। नाइट सेंसर अलार्म चालू होने से पहले वह सिर्फ 30 ही लॉकर तोड़ सके। और सभी 435 लॉकरों को निशाना नहीं बना सके।
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bank robbery - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का मानना है कि अगर चोर पहली सुरंग से ही अंदर दाखिल होते तो 30 नहीं 300 लॉकरों को भी निशाना बना सकते थे। एसएसपी एचएन सिंह ने बताया कि घटना में कोई बैंक कर्मी भी शामिल हो सकता है जिसे पता था कि रात आठ बजे ही नाइट सेंसर अलार्म चालू हो जाएगा।
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bank robbery - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले ही चोरी को अंजाम दे दिया गया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही चोरों को पकड़कर माल बरामद कर लिया जाएगा। जांच में सामने आया है कि चोरों ने नाइट अलार्म से बचने के लिए शनिवार और रविवार को करीब 48 घंटे में चोरी की वारदात की। पुलिस ने बैंक की तकनीकी सिक्योरिटी टीम को हिरासत में ले लिया है। बैंक मैनेजर को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया।
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bank robbery - फोटो : अमर उजाला
छुट्टी के दिन बिना सुरक्षा के रहती थी हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई
बैंक मैनेजर अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक बंद होने के बाद रात आठ बजे से नाइट अलार्म चालू होता था। जिग्मा सेफ्टी नामक सिक्योरिटी कंपनी बैंक के सीसीटीवी और नाइट अलार्म की देखरेख करती है। नाइट सेंसर होने के चलते सिर्फ रात को ही अलार्म बजता है। गार्ड और सेंसर अलार्म के बिना छुट्टी के दिन दोपहर के समय बैंक में मौजूद लोगों की गाढ़ी कमाई भगवान भरोसे रहती है।
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