एक तरफ डेंगू पांव पसार रहा है। वही, सरकारी अस्पताल लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। अस्पताल में जगह-जगह जलभराव में मच्छर पनप रहे हैं। मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। डेंगू वार्ड के हालात भी बेहतर नहीं हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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PICS : यहां डेंगू का इलाज हो ना हो लेकिन डेंगू पैदा जरूर होता है
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आपातकालीन वार्ड भी नहीं सुरक्षित- किसी भी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड को सबसे ज्यादा संवेदशनशील माना जाता है, लेकिन सिविल अस्पताल के इस वार्ड में आने वाले गंभीर मरीजों पर भी डेंगू मलेरिया का खतरा मंडराता दिखा। शाम होते ही इमरजेंसी से लेकर सामान्य वार्ड में मच्छर भिनभिनाने लगते हैं। अस्पताल परिसर में कभी कभार फॉगिंग की जा रही है।
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इमरजेंसी के पिछले हिस्से में एयर कंडीशनों से टपकने वाले पानी से जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। पानी में मच्छर पनप रहे थे। आपातकालीन कक्ष की खिड़कियों से मच्छर बेरोकटोक आवाजाही कर रहे थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन को इससे कोई लेना-देना नहीं था।
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महज आठ बेड का डेंगू वार्ड जिले में डेंगू संधिग्धों का आंकड़ा 400 को पार कर गया है। मरीजों को निजी अस्पतालों का रास्ता पकड़ना पड़ रहा है।सिविल अस्पताल में डेंगू वार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन इसमें महज आठ बेड की व्यवस्था की गई है जबकि प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। बेड पर मच्छरदानियां तो लगाई गई हैं लेकिन गर्मी की वजह से मरीज इनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
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ओपीडी में भीड़, जमीन पर बैठे मरीज डेंगू-मलेरिया के बढ़ते कहर के बीच सिविल अस्पताल की ओपीडी का हाल बेहाल दिखाई दिया। ओपीडी कक्ष में मरीजों की भारी भीड़ से अव्यवस्था फैली हुई थी। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीज गर्मी में परेशान थे। बैठने की जगह नहीं मिली तो कई मरीज जमीन पर ही बैठकर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे थे।
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ब्लड की नहीं कमी- अस्पताल में बने ब्लड बैंक में खून की कोई कमी नहीं है। 261 यूनिट ब्लड की व्यवस्था बृहस्पतिवार तक थी। ब्लड बैंक में तैनात कर्मचारियों के मुताबिक रोजाना 30 से 35 यूनिट ब्लड की खपत दर्ज की जा रही है। हालांकि, डेंगू के बढ़ते कहर के बीच ब्लड का और ज्यादा बंदोबस्त करने की जरूरत समझी जा रही है।
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कैमरा देख फोगिंग शुरू- अस्पताल में फोगिंग न होने से मच्छरों का आतंक है। बृहस्पतिवार को जब अमर उजाला की टीम अस्पताल पहुंची तो कैमरा देखकर फोगिंग करने वाले कर्मचारी भी हरकत में आ गए और अस्पताल में जगह-जगह मशीन से धुआं करते दिखाई दिए।