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फर्जी कॉलसेंटर का पर्दाफाश, लोगों से ठगे 100 करोड़

Thu, 16 Jul 2015 10:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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नोएडा में दो फर्जी कॉलसेंटर से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का गोरखधंधा कई दिनों से चल रहा था। एसटीएफ ने गिरोह का शातिर प्लान से पर्दाफाश किया। लखनऊ एसटीएफ  ने बुधवार को सेक्टर-5 स्थित बी-109 और सेक्टर-10 स्थित डी-75 में छापेमारी करके गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
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फर्जी कॉलसेंटर का पर्दाफाश, लोगों से ठगे 100 करोड़

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मौके से सरगना ग्वालियर मध्य प्रदेश निवासी नीतेश सिंह राठौर समेत 30 लड़के और 21 लड़कियों को ऑनलाइन कॉलिंग करते गिरफ्तार किया गया। लखनऊ स्थित चौक थाने में फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया गया था।
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जांच के बाद बुधवार को नोएडा में बड़े स्तर पर छापेमारी की गई। लखनऊ एसटीएफ की टीम का नेतृत्व एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने किया। उन्होंने दावा किया कि देशभर में पांच हजार से ज्यादा लोगों को यह गिरोह शिकार बना चुका है। इनसे 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की जा चुकी है।

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एक बड़े नौकरशाह की बेटी को एक माह पहले नौकरी के लिए फोन आया था। नौकरी डॉट कॉम के जरिये नौकरी के लिए चयन की जानकारी दी गई थी। दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार के नाम पर उससे दस हजार रुपये लिए गए थे, लेकिन नौकरी नहीं मिली।
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ठगे जाने का पता चलने पर मामला लखनऊ पुलिस के पास पहुंचा। मामला फर्जी मिला, जिसके आधार पर लखनऊ में ही रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। जांच में पता चला कि नौकरी के नाम पर ठगी का धंधा नोएडा से संचालित हो रहा है।
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टीम ने मौके से दो दर्जन मोबाइल, लैपटॉप व नौकरी डॉटकॉम वेबसाइट से लिया गया एक लाख लोगों का डाटा, दर्जनों सिम कार्ड व अन्य सामान बरामद किया गया। गिरोह के सरगना ने फर्जी नाम-पते से कुल 15 बैंक खाते खोले।
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साथ ही, इनफिनिटी और फेर रिक्रूटमेंट समेत आधा दर्जन नौकरी दिलाने से संबंधित कंपनियां बना लीं। दोनों कॉल सेंटर को सील करने के बाद तत्काल सभी खातों को सीज करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी रकम का लेन-देन गिरोह के अन्य सदस्य न कर सकें।

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बीकॉम पास नीतेश नौकरी से संबंधित कंपनी में काम करता था। यहां से उसे नौकरी के नाम पर ठगी करने का आइडिया आया। नौकरी छोड़कर वह इंदौर में कॉलसेंटर खोलकर गिरोह चलाने लगा। मामला दर्ज होने पर इंदौर पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

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एक माह पहले वह जेल से छूटा और नोएडा आ गया। यहां कॉल सेंटर खोलकर ठगी करने लगा। एनसीआर में और भी कॉल सेंटर नीतेश चला रहा है। पुलिस इनकी जानकारी जुटा रही है। जॉब पोर्टल साइट के कर्मचारियों से मिलीभगत करके बेरोजगार युवाओं का प्रोफाइल जमा किया जाता था।

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कॉल सेंटर से उन्हें नेट कॉल या सामान्य कॉल की जाती थी। इसमें नौकरी दिलाने या उसके लिए चयन होने की जानकारी दी जाती थी। एक व्यक्ति से ढाई हजार से 15 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। इसके बाद संपर्क बंद कर दिया जाता था।
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गोरखधंधा कॉलसेंटर से चलता था और कॉलिंग करने वाले युवक-युवतियां लोगों को जाल में फांसकर रुपये अकाउंट में ट्रांसफर करा लेते थे। युवाओं का कई बार फोन से फर्जी इंटरव्यू कराया जाता था। फिर नौकरी के लिए चयन होने की जानकारी दी जाती थी।
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