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तस्वीरें: उजड़ने की कगार पर है ये 400 साल पुराना ऐतिहासिक तालाब

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नूंह के मशहूर सेठ चूहीमल ने करीब 400 साल पहले मानव सेवा के लिए नूंह के पश्चिम में चूही का तालाब बनवाया था। लेकिन आज यह अद्भूत और ऐतिहासिक तालाब सरकार और कस्बेवासियों के देखरेख के अभाव में उजड़ने की कगार पर है। इस खूबसूरत धरोहर की खासियत यह है कि पिछले 400 सालों से इस तालाब का पानी कभी नहीं सूखा है। (रिपोर्ट: यूनुस अलवी/पुन्हाना)
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तस्वीरें: उजड़ने की कगार पर है ये 400 साल पुराना ऐतिहासिक तालाब

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करीब 400 साल पहले कस्बा नूंह निवासी सेठ चूहीमल का मेवात में नमक का कारोबार था। इसी दौरान सेठ ने मानव सेवा के लिये नूंह के पश्चिम में एक तालाब का निर्माण कराया। लोगों का कहना है कि तालाब का पानी न सूखे इसी वजह से इसके अंदर गहरे कुओं का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस तालाब के अंदर सुरंग है, जहां से बरसाती पानी आता है। यह तालाब वर्गाकार में बना हुआ है।
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इस तालाब में चार घाट हैं और चारों घाटों पर सीढ़ियां बनी हुई हैं। इस तालाब के अंदर चारों कोनों पर लाल पत्थर की खूबसूरत छतरियों का निर्माण कराया गया था। जो इस तालाब की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करती हैं। इस किलानुमा तालाब की चारदीवारी पर बुर्जियां बनी हुई हैं। इसकी खासियत यह है कि घोर अकाल और सूखे के दौरान भी यह तालाब कभी नहीं सूखा।

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इस तालाब के पास ही एक भव्य छतरी बनी हुई है, जिसे उसके पुत्र स्वर्गीय सेठ हूकम चंद ने सेठ चूहीमल के देहांत के बाद उनकी याद में बनवाया था। इस छतरी पर दुर्लभ मीनाकारी चित्रित की गई है। इसके अतिरिक्त इस तालाब के साथ मंदिर का निर्माण कराया गया था। इसमें शिव, हनुमान और दुर्गा मां की मूर्तियां स्थापित हैं।
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सरकार की उपेक्षा के चलते यह ऐतिहासिक तालाब अब बदहाल हो गया है। कस्बे के लोग इसमें गंदे कपडे़ धोते हैं। नौजवान और बच्चे इसमें कूद-कूद कर नहाते हैं। अब यह तालाब बदहाल हो चुका है। मेवातवासी सोनू, फतेह मोहम्मद, अखतर और आस मोहम्मद का कहना है कि अगर सरकार इस तालाब को अपने कब्जे में लेकर इसको विकसित करे तो यह खूबसूरत पर्यटन स्थन बन सकता है। फिलहाल यह जर्जर होता जा रहा है।
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समाज सेवी आसिफ अली चंदेनी और खलील अहमद ऐडवोकेट का कहना है कि मेवात के लोग काफी समय से इस धरोहर को बचाने के लिये सरकार से मांग करते आ रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा की सरकार इसको विकसित कर, पर्यटन स्थल बनाने बात तो कई बार कह चुके हैं लेकिन अमल अभी तक नहीं किया गया है।
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