मलबे में तीन फायरकर्मियों समेत चार लोग दब गए, जबकि अन्य लोगों को मामूली चोटें आई। सूचना मिलते ही फायर निदेशक अतुल गर्ग सहित अन्य फायर स्टेशनों से बड़ी संख्या में दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए, लेकिन इमारत का हिस्सा गिरने से पिलरों में दरार आने लगी। बावजूद फायरकर्मी जान हथेली पर रखकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे रहे। इसी दौरान इमारत का पिछला हिस्सा पूरी तरह बैठ गया। साथ ही सामने का एक हिस्सा भी ढह गया। फायरकर्मियों ने मलबे में फंसे फायरमैन महावीर, फायर अफसर मंजीत और फैक्टरी के कर्मचारी विजेंद्र कश्यप को बाहर निकालकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि अमित बालियान को मलबे से निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।