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पीरागढ़ी अग्निकांडः जब लगा बुझ गई आग, तभी हुआ जोरदार धमाका, तीन हिस्सों में बिखर गई इमारत

Fri, 03 Jan 2020 09:16 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

-शार्ट सर्किट से आग, केमिकल से ब्लॉस्ट होने की आशंका 
-शुरुआती जांच के बाद लापरवाही का मामला दर्ज
-भूतल में चल रहा था बैटरी बनाने का काम, बड़ी मात्रा में मिला एसिड
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- फोटो : अमर उजाला
पीरागढ़ी स्थित बैटरी की फैक्टरी में आग लगी पर काबू पाने के बाद कूलिंग के दौरान हुए धमाके से पूरी इमारत तीन अलग-अलग हिस्सों में ढही। सबसे पहले इमारत का बीच का हिस्सा गिरा। इसके बाद अन्य फायर स्टोशनों से दमकल यूनिटों को बुलाकर बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन....

आगे जानिए पूरी घटना विस्तार से...
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- फोटो : पीटीआई
दरअसल, बचाव कार्य के दौरान दो हिस्से और भरभराकर गिर गए। इससे बचाव में जुटे अन्य  दमकलकर्मी भी मलबे की चपेट में आ गए। शुरुआती जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। फैक्टरी में सबसे पहले भूतल में आग लगी थी। आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। इसके बाद केमिकल की वजह से धमाका होने की आशंका है। भूतल में बैटरी भंडारण की जगह थी। पुलिस ने यहां से एसिड और केमिकल बरामद किया है।
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफएसएल की टीम ने मौके का मुआयना किया है। रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। दमकल अधिकारी व रेस्क्यू टीम में मौजूद चीफ फायर अधिकारी धर्मपाल भारद्वाज ने बताया कि आग भूतल स्थित स्टोर रूम में लगी थी। दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची, जिनमें 15 दमकलकर्मी मौजूद थे। दमकल कर्मियों ने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया, लेकिन कुलिंग के दौरान धमाके के साथ इमारत के बीच का हिस्सा भरभराकर गिर गया।

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- फोटो : शुभम बंसल
मलबे में तीन फायरकर्मियों समेत चार लोग दब गए, जबकि अन्य लोगों को मामूली चोटें आई। सूचना मिलते ही फायर निदेशक अतुल गर्ग सहित अन्य फायर स्टेशनों से बड़ी संख्या में दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए, लेकिन इमारत का हिस्सा गिरने से पिलरों में दरार आने लगी। बावजूद फायरकर्मी जान हथेली पर रखकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे रहे। इसी दौरान इमारत का पिछला हिस्सा पूरी तरह बैठ गया। साथ ही सामने का एक हिस्सा भी ढह गया। फायरकर्मियों ने मलबे में फंसे फायरमैन महावीर, फायर अफसर मंजीत और फैक्टरी के कर्मचारी विजेंद्र कश्यप को बाहर निकालकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि अमित बालियान को मलबे से निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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- फोटो : पीटीआई
बैटरी बनाने का भी होता था काम 
दमकल अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह का धमाका हुआ है इससे जाहिर है कि यहां भारी मात्रा में केमिकल रखा था। बैटरी के निर्माण में एसिड के अलावा अन्य तरह के केमिकल का इस्तेमाल होता है। इससे आशंका है कि आग के संपर्क में आकर केमिकल में विस्फोट हो गया। दमकल अधिकारियों के मुताबिक, फैक्टरी में बैटरी रखने और बेचने की व्यवस्था है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक गोदाम में बैटरी बनाने का काम भी होता था। 
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- फोटो : अमर उजाला
बाहरी दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सिंह सागर ने बताया कि पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच के दौरान इस बात का पता लगाया जाएगा कि यहां बैटरी बनाने का काम होता था या नहीं और क्या फैक्टरी मालिक को बैटरी बनाने की इजाजत थी कि नहीं। 
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- फोटो : अमर उजाला
धमाके से खुली आंख 
फैक्टरी के पीछे झुग्गी बस्ती में दुकान चलाने वाले महेंद्र ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे जोरदार धमाका हुआ। आवाज सुनकर उसकी नींद खुली। बाहर आने पर देखा कि फैक्टरी से धुआं निकल रहा था और आस पास दमकल की गाड़ियां थीं। झुग्गी में ही रहने वाले ओमप्रकाश ने बताया कि दिन के समय यह हादसा होता तो भयावह स्थिति होती। क्योंकि उस समय फैक्टरी में काम करने वाले लोग वहां मौजूद रहते हैं। ऐसे में इमारत के नीचे दबकर कई लोगों की जान जा सकती थी। लखन ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर वह तुरंत भागकर फैक्टरी के अंदर घुस गया। इस दौरान उसके हाथ-पैर में चोट लगी। इसके बावजूद वह मलबा हटाने की कोशिश करने लगा। लेकिन वहां मौजूद फायरकर्मियों ने उसे वहां से हटा दिया। 

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- फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी का 70 फीसदी हिस्सा गिरा 
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ब्लॉस्ट होने से फैक्टरी का 70 फीसदी हिस्सा गिर गया है। आग से फैक्टरी के आगे के हिस्सा को भी नुकसान हुआ है। करीब दस साल पहले तीन हजार स्क्वायर मीटर में इस फैक्टरी का निर्माण हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्टरी कंक्रीट की बनी थी, लेकिन धमाका इतना जबरदस्त था कि इमारत ताश के पत्ते की तरह भरभराकर गिर गई।
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- फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद न्यू रोहतक रोड पर लगा जाम
फैक्टरी में आग लगने के बाद न्यू रोहतक रोड पर लंबा जाम लग गया। यह सड़क दिल्ली को हरियाणा के बहादुरगढ़ से जोड़ती है। फैक्टरी के आगे मौजूद दमकल गाड़ियों और सैकड़ों लोगों की भीड़ की वजह से वहां से वाहनों को गुजरने में भारी परेशानी पेश आई। पास ही पीरागढ़ी चौक होने से चारों तरफ के वाहनों का दबाव भी इसी रोड पर था। जाम से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने पीरागढ़ी स्थित ट्रैफिक सिग्नल को बंद कर दिया और खुद ही यातायात सुचारू के लिए तैनात हो गए।
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