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दिल्ली के इस कॉलेज में केवल रजनीकांत ही ले सकते हैं एडमिशन!

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अगर आप भी डीयू के इस जाने माने कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं तो भूल जाइए क्योंकि पिछले साल तो सीबीएसई टॉपर भी इस कॉलेज की वेटिंग लिस्ट में था।
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दिल्ली के इस कॉलेज में केवल रजनीकांत ही ले सकते हैं एडमिशन!

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आपको याद होगा सीबीएसई टॉपर सार्थक अग्रवाल जिसके 99.6 प्रतिशत नंबर आने के बावजूद दिल्ली के इस कॉलेज में वेटिंग लिस्ट में नाम आया था। इसके बाद उसने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एडमिशन ले लिया। तब जाकर कहीं बहुत बाद में इस कॉलेज से सार्थक को बुलावा आया।
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हम बात कर रहे हैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज की जिसका कट-ऑफ इस बार 99 प्रतिशत गया है। हालांकि डीयू के कॉलेजों की समझ रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए ये बिल्कुल भी शॉक की बात नहीं है क्योंकि स्टीफेंस के ऐसे किस्से बहुत मशहूर हैं। इसीलिए स्टूडेंट्स यहां के किस्सों को पंचतंत्र की कहानियां कहते हैं।

दिल्ली के इस कॉलेज में केवल रजनीकांत ही ले सकते हैं एडमिशन!

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हालांकि हर साल करीब 30000 बच्चे स्टीफेंस के लिए अप्लाई करते हैं लेकिन बहुत से ऐसे बच्चे भी हैं जो अच्छे स्कोर होने के बावजूद यहां एडमिशन लेना पसंद नहीं करते। वो कहते हैं कि भले ही स्टीफेंस के प्रिंसिपल कहें कि ये एलीट लोगों का कॉलेज नहीं है पर बच्चे यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले ही यहां एडमिशन का ख्वाब छोड़ देते हैं।
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93 से अधिक प्रतिशत पाने वाले बच्चों तक को लगता है कि स्टीफेंस में अप्लाई करने का मतलब है बैडलक को न्यौता देना है। विभोर जैन जिसके 93 प्रतिशत अंक हैं कहता है कि हमारे जैसे छात्रों में ये मजाक बहुत कॉमन है कि जो कहता ‌है कि वो स्टीफेंस में एडमिशन लेना नहीं चाहता वो अपना झेप छुपा रहा है। लेकिन सच में छात्र ये सोचते हैं कि आखिर अपने एडमिशन प्रॉसेस की शुरूआत रिजेक्शन से क्यों करनी?
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अंग्रेजी से ऑनर्स करने की इच्छा रखने वाली प्रियंका कहती हैं कि स्टीफेंस के बारे में तो वो तबसे सुनती आ रही हैं जब वो दसवीं में भी नहीं थीं। वो कहती हैं कि उनके कॉलेज के टॉपर का भी स्टीफेंस कॉलेज में एडमिशन नहीं हुआ।
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कई परिवारों में तो स्टीफेंस में अप्लाई करना ही सख्त मनाही है। अर्पण अरोणा कहते हैं कि 2009 में उनके भाई ने अपने स्कूल में टॉप किया था और उनके 96 प्रतिशत नंबर आने के बाद भी स्टीफेन में क्रिश्चियन कोटा होने के चलते उसे एडमिशन नहीं मिला। इसी कारण अर्पण के परिवार के किसी भी बच्चे को स्टीफेंस में इस कॉलेज में अप्लाई करना भी सख्त मना है। और यह अर्पण के घर का सिद्धांत बन गया है।
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