सम-विषम के दौरान चार रूटों पर छह एसी बसों के रूप में एमपी स्पेशल शटल सेवा सांसदों को संसद तक पहुंचाने के लिए तलाशती रहीं। करीब चार सांसदों ने शटल सेवा में सफर किया। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और प्रदूषण घटाने के लिए निजी गाड़ियों का प्रयोग कम करने का संदेश दिया। उधर, इस बस सेवा में कॉर्डिनेशन की भी कमी दिखी। क्योंकि सांसद फ्लैट के आगे कहां बस खड़ी है, उसकी जानकारी सांसद फ्लैट के सिक्योरिटी गार्ड तक नहीं पहुंचाई गई। कहीं बस 25 मिनट लेट पहुंची तो कहीं दो मिनट में निकल गई। डीटीसी की कुल छह एससी बसें चार रूट पर पंद्रह मिनट के अंतराल पर घूमती रही। विट्ठल भाई भवन, नॉर्थ ऐवन्यू, साउथ एवेन्यू व तीन मूर्ति से संसद के लिए यह बसें चलीं। अमर उजाला संवाददाता सीमा शर्मा व फोटोग्राफर विवेक निगम ने इन सभी रूटों पर व शाम को लौटने वाले एक रूट पर एमपी स्पेशल बसों का जायजा लिया। पेश है रिपोर्ट।
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सांसदों के लिए विशेष बस सेवा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विशंभर दास लेन : सुबह 9 बजे
25 मिनट लेट पहुंची पहली शटल
पंडित पंत मार्ग स्थित विषंभर दास लेन पर बने सांसद फ्लैट के सामने डीटीसी की नॉर्थ एवेन्यू से पार्लियामेंट तक रूट था। हालांकि यहां डीटीसी बस पूरे 9.25 मिनट पर पहुंची। बस आई और सड़क पर खड़ी हो गई। तीन मिनट के बाद बिना कोई हॉर्न दिए रूट पर निकल गई। बस नॉर्थ एवेन्यू से होते हुए पार्लियामेंट पहुंची।
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सम-विषम सांसद विशेष बस सेवा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विटलभाई भवन : सुबह 9.30 बजे
दो बस एक साथ पहुंची पर मिला सांसद
पटेल चौक के पीछे विटलभाई भवन से पार्लियामेंट के बीच 9 बजे एक तो दूसरी साढ़े नौ बजे शटल निकली। हालांकि दोनों बस सांसदों को तलाशती दिखीं। दिनभर बस इधर से उधर घूमती रही, लेकिन सांसद नहीं मिले।
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सम-विषम सांसद विशेष बस सेवा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
साउथ एवेन्यू : सुबह साढ़े 11 बजे
- डेढ़ घंटे के बाद दो सांसदों की सवारी
साउथ एवेन्यू से पार्लियामेंट के रूट पर एमपी स्पेशल शटल सेवा को आखिर डेढ़ घंटे के बाद दो सवारी मिल ही गई। बीजेपी के राजस्थान से सांसद हरिओम और गुजरात से बड़ौदा की सांसद रंजनाबेन धनंजय भट्ट शटल में बैठीं। उनका कहना था कि बस में सवार होकर वे आज दिल्ली की नई तस्वीर देख रहे हैं। हालांकि रूट लंबा न होने के चलते वे ट्रैफिक जाम में यात्रियों के फंसने का दर्द नहीं समझ सके। लेकिन, पर्यावरण को बचाने में मुहिम में उनकी पार्टी साथ देगी। शटल सेवा के खाली सफर पर उनका कहना था कि अधिकतर सांसदों को बस के खड़े होने व रूट की जानकारी नहीं होगी। हालांकि, वे अन्य सांसदों से भी अपील करेंगे कि निजी वाहन की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दें।
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सम-विषम सांसद विशेष बस सेवा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
तीन मूर्ति से पार्लियामेंट गेट : सुबह साढ़े दस बजे
- रूट व कॉर्डिनेशन के चलते परेशान
तीन मूर्ति से शटल निकली और अकबर, जनपथ होते हुए विटल भाई पटेल के सामने से विजय चौक पहुंची। हालांकि ड्राइवर और कंडक्टर परेशान थे। क्योंकि रूट पर कैसे आगे जाना है, बताने वाला कोई नहीं था।
सम-विषम सांसद विशेष बस सेवा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
पार्लियामेंट गेट : शाम साढ़े पांच बजे
- सम-विषम सफल करने पहुंचे भगवंत और साधु
संसद के मुख्य गेट से डीटीसी की एमपी स्पेशल शटल निकली, जिसमें पंजाब के हास्य अभिनेता व सांसद भगवंत मान और साधु सिंह विजयी चिह्न (विक्ट्री) बनाकर जाते दिखे। आप के भगवंत मान का कहना था कि सुबह किसी कारण से वे शटल में नहीं आ सके, लेकिन वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के हक में हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सम-विषम योजना की सफलता के चलते ही उन्होंने विजयी चिह्न बनाया।