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GST इफेक्ट : दिवाली पर उपहार के बाजार पर मंदी की मार, जानें क्या क्या होगा महंगा

Wed, 04 Oct 2017 07:56 PM IST
बयूरो/ अमर उजाला, फरीदाबाद
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दिवाली पर उपहारों का चलन इस बार महंगा पड़ेगा। एक तो उपहारों पर महंगाई की मार और उसपर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) का असर इस बार कारोबार पर भारी पड़ता दिख रहा है। क्रॉकरी से लेकर इलैक्ट्रॉनिक आइटम की खरीद पर 18 से 28 प्रतिशत तक जीएसटी का असर जेब पर बोझ बढ़ाएगा। इस बार दिवाली पर व्यापारियों ने पिछले साल के मुकाबले आधा ही स्टॉक रखा है। वहीं, खरीदारों की बेरुखी के चलते इस बार उपहार के कारोबार पर शर्तें हावी दिखाई दे रही हैं। जीएसटी इफेक्ट के चलते व्यापारियों ने इस बार कारोबार में 30 फीसदी तक गिरावट के संकेत दिए हैं।
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diwali in moradabad - फोटो : अमर उजाला
औद्योगिक नगरी होने के कारण दिवाली पर शहर का उपहारों से सजने वाला बाजार इस बार बेरौनक दिखाई दे रहा है। हर साल नवरात्र में ही उद्योग प्रबंधकों की तरफ से कर्मचारियों को दिवाली पर उपहार देने के लिए ऑर्डर दे दिए जाते थे लेकिन इस बार उपहारों के ऑर्डर में कमी कारोबार में गिरावट के संकेत दे रही है। सबसे बड़ी वजह जीएसटी को बताया जा रहा है। बाजार पर पड़ रहे इसके प्रभाव को देखते हुए व्यापारियों ने पहले ही स्टॉक में कमी कर नुकसान से बचने का तरीका तलाश लिया है।
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क्रॉकरी उत्पादों पर जहां पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगा है, वहीं इलैक्ट्रॉनिक उत्पादों पर 28 प्रतिशत जीएसटी की मार पड़ी है। कंपनियों ने जीएसटी को देखते हुए अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। यदि देखा जाए तो गत वर्ष तक 650 रुपये में मिलने वाला क्रॉकरी सेट इस बार 775 रुपये का मिलेगा। 1500 रुपये में मिलने वाला स्पेशल क्रॉकरी सेट 1900 रुपये में पड़ेगा। इसके अलावा होम फर्निशिंग, टोस्टर, ब्लेंडर, सेंडविच मेकर, इंडक्शन जैसे आइटम भी खासे महंगे पड़ेंगे।

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इस बार शर्तों पर कारोबार 
गत वर्ष की अपेक्षा इस बार दिवाली पर कारोबार पर मंदी के बादल मंडराते देख व्यापारी वर्ग फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। नुकसान से बचने के लिए रिटेल व्यापारियों ने थोक व्यापारियों से सामान न बिकने की शर्त पर वापसी की शर्त रखी है। इसके साथ ही स्टॉक भी कम मंगाया गया है। थोक बाजार पर भी इसका असर है।
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Diwali in Uttarakhand - फोटो : AmarUjala
उपभोक्ताओं पर पड़ा सीधा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सीधा असर उपभोक्ता पर पड़ेगा। कंपनियों ने अपने नुकसान को देखते हुए दाम बढ़ा दिए हैं। इसके ऊपर जीएसटी लग रहा है। व्यापारी अपना लाभ देखते हुए उत्पाद को बेचेगा लेकिन उपभोक्ताओं को वस्तु खरीदने में अधिक दाम देने होंगे। दो हजार रुपये के गिफ्ट की खरीदी पर 250 से 350 रुपये अधिक चुकाने पड़ेंगे।
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कारोबारियों से बातचीत : 

जीएसटी लगने से निश्चित तौर पर सामान महंगा हो गया है। इसका असर कारोबार पर पड़ना तय है। इसको ध्यान में रख इस बार स्टॉक एकत्र करने में सावधानी बरती गई है।
-अशोक भाटिया, व्यापारी 
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नोटबंदी के चलते लंबे समय तक बाजार ठंडा था। अब जीएसटी का प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है। गत वर्ष की अपेक्षा इस बार स्टॉक आधा कर दिया है क्योंकि उत्पाद महंगे हो गए हैं।
-इमरान, व्यापारी 
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क्रॉकरी उत्पाद पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगा है। उपभोक्ता को गत वर्ष की अपेक्षा अधिक राशि चुकानी पड़ेगी। मौजूदा समय में बाजार 20 से 25 प्रतिशत गिरावट है।
-नरेंद्र कुमार, व्यापारी 
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जो वस्तु हमें 500 रुपये में मिल रही थी, वह अब 600 रुपये में मिल रही है। जीएसटी की वजह से सामान महंगा हो गया है। फिलहाल तो बाजार से खरीदार गायब हैं।
-राजेश गुप्ता, व्यापारी
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