हाईकोर्ट ने हरित कर के रूप में जमा धन का इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि इस राशि का इस्तेमाल सरकार बसें खरीदने के लिए कैसे कर सकती है।
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smog in delhi
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि अब तक प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या किया है। अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। जस्टिस एस. रविंद्र भट व जस्टिस संजीव सचेदवा की खंडपीठ ने कहा कि बस खरीदने का मुद्दा तो काफी पुराना है।
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Smog
दिल्ली सरकार ने हलफनामा पेश कर प्रस्ताव दिया था कि 700 करोड़ के हरित कर से जमा राशि में से 400 करोड़ से 500 बसें इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना है ताकि राजधानी में प्रदूषण को काबू किया जा सके। दरअसल, कोर्ट ने 16 नवंबर को पूछा था कि हरित कर के रूप में जमा राशि का दिल्ली सरकार क्या कर रही है।
हाईकोर्ट ने पूछा है कि हरित कर के पैसे का इस्तेमाल वायु प्रदूषण कम करने के लिए अन्य उपायों पर खर्च किया जाना चाहिए। बस खरीदने की व्यवस्था दिल्ली सरकार अपने बजट से करे। सरकार अगली तारीख तय बताए कि प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने अब तक कौन से पांच प्रभावी कदम उठाए हैं।