‘सीबीआई के तत्कालीन न्यायाधीश द्वारा आरुषि-हेमराज मर्डर केस में किए गए फैसले को खारिज करते हुए हाईकोर्ट न्यायमूर्ति ने जो कड़ी टिप्पणी की है, उससे अब लगता नहीं कि सीबीआई हाईकोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी।’ यह बात शनिवार को तलवार दंपती के अधिवक्ता मनोज शिशौदिया ने कही।
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arushi talwar
मनोज शिशौदिया ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को फिल्मी बताया है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि यह फैसला नहीं बल्कि न्यायाधीश द्वारा जैसे किसी गणित की पहेली को सुलझाया गया लगता है। मनोज ने कहा कि ऐसी तल्ख टिप्पणी के बाद कोई भी व्यक्ति उच्चतम अदालत में शायद ही अर्जी देगा।
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- फोटो : अमर उजाला
मनोज शिशौदिया ने बताया कि हाईकोर्ट आदेश की सर्टिफाइड कॉपी उनके पास आ गई है, जिसे सोमवार को सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। उम्मीद है कि सोमवार शाम तक तलवार दंपती जेल से रिहा हो जाएंगे।
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arushi murder case
उधर, हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ इस हत्याकांड में मारे गए हेमराज की पत्नी कुमकला के अधिवक्ता नरेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट के बाहर लगा रहा मीडिया कर्मियों का जमावड़ा
माह का दूसरा शनिवार के होने के चलते शनिवार को कोर्ट में अवकाश था। केवल रिमांड मजिस्ट्रेट रेनु यादव की अदालत खुली थी। सुबह से ही कयास लगाए जा रहे थे कि तलवार दंपती के वकील रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में हाईकोर्ट के ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी जमा करेंगे। यह सूचना मिलने के बाद दिन भर अदालत के बाहर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा रहा, लेकिन देर शाम तक भी तलवार दंपती के अधिवक्ता नहीं आए।