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घर से निकाले जाने के बाद उमर अब्दुल्ला की पत्नी ने हाईकोर्ट को सुनाया अपना दुखड़ा

Tue, 08 Nov 2016 04:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पत्नी पायल अब्दुल्ला की सरकारी आवास मांगने संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पायल ने पहले से मिले आवास को खाली करवाने के सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी है।

 
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उमर अबदुल्ला का सरकारी बंगला पुल‌िस ने जबरन खाली कराया - फोटो : अमर उजाला
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 19 नवंबर तय की है।
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उमर अबदुल्ला का सरकारी बंगला पुल‌िस ने जबरन खाली कराया - फोटो : अमर उजाला
पायल के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि सिंगल जज ने 19 अगस्त को बंगला खाली करवाने संबंधी आदेश देते हुए कई तथ्यों को नजर अंदाज किया है। उन्होंने कहा कि पायल को सरकार ने जैड व उनके पुत्रों को जैड प्लस सुरक्षा प्रदान की हुई है। अब वह किराए के फ्लैट में रह रही है जहां उनकी सुरक्षा संभव नहीं है क्योंकि उनको काफी सुरक्षाकर्मी मिले हुए है।

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उमर अबदुल्ला का सरकारी बंगला पुल‌िस ने जबरन खाली कराया - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने यह कैसे निष्कर्ष निकाल लिया कि पायल के पति व ससुर को भी जैड सुरक्षा मिली है और वे भी निजी आवास में रह रहे है तो पायल क्यों नहीं। उन्होंने कहा दोनों दिल्ली के नियमित निवासी नहीं है और कभी-कभी आते है ऐसे में उनकी सुरक्षा कुछ अवधि के लिए संभव है।
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उमर अबदुल्ला का सरकारी बंगला पुल‌िस ने जबरन खाली कराया - फोटो : अमर उजाला
वहीं पायल दिल्ली की स्थाई निवासी है और बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं अत: छोटे फ्लैट में सुरक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पायल से आवास खाली करवाने में भी तय नियमों का उल्लंघन हुआ है। सूर्यास्त के बाद कभी भी सरकारी आवास खाली नहीं करवाया जा सकता जबकि देर शाम जबरन आवास खाली करवाया गया।
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उमर अबदुल्ला का सरकारी बंगला पुल‌िस ने जबरन खाली कराया - फोटो : अमर उजाला
इसी प्रकार जैट सुरक्षाधारी अन्य लोगों को केंद्र सरकार ने बंगले प्रदान कर दिए है, ऐसे में उनकी मुवक्किला भी सुरक्षा के तहत उचित आवास पाने की हकदार है। अत: सरकार को उनकी मुवक्किला को बंगला आवंटित करने का निर्देश दिया जाए।
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उमर अबदुल्ला का सरकारी बंगला पुल‌िस ने जबरन खाली कराया - फोटो : अमर उजाला
​न्यायमूर्ति इन्द्रमीत कौर ने अपने फैसले में पायल को सुझाव दिया था कि वह किसी भी प्रकार के विवाद में पडने की अपेक्षा शिष्टाचारपूर्वक सरकारी आवास खाली कर दें। पायल के आवास खाली न करने पर अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
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उमर अबदुल्ला का सरकारी बंगला पुल‌िस ने जबरन खाली कराया - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पायल अब्दुल्ला को लुटियन जोन (7 अकबर रोड) में आवंटित बंगले को खाली करने का निर्देश दिया था, पायल ने इस निर्णय को चुनौती दी थी। पायल के अनुसार उसे व उसके बच्चों को जेड और जैड प्लस सुरक्षा प्राप्त है। उनकी सुरक्षा में 94 सुरक्षाकर्मी तैनात है। सरकार उन्हें निजी लैट में जाने के लिए कह रही है जहां उनकी सुरक्षा करना संभव नहीं है।
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