राजधानी में सोमवार से वाहनों के लिए सम-विषम योजना लागू हो गई है। इस योजना का मक्सद दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को घटाना है। यह योजना सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेगी। इस योजना के नियम को मानते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कार पूल की। उनके साथ ही योजना को सफल बनाने के लिए दिल्ली के मंत्री भी अपना योगदान देते नजर आए। आइए जानते हैं सम-विषम योजना को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री सहित अन्य दिग्गज मंत्रियों में किसने क्या तरीका आजमाया।
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : एएनआई
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जहां एक ओर कार पूल की तो वहीं मनीष सिसोदिया ने साइकिल को सहारा बनाया।
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मनीष सिसोदिया
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डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से सोमवार सुबह जब सम-विषम योजना के बारे में पूछा तो वह बोले कि पूरा उत्तर भारत इस समय पराली के धुएं से घिरा हुआ है। इस समय हम पराली के लिए कुछ नहीं कर सकते लेकिन हम सम-विषम योजना का अगले 10 दिन तक पालन करेंगे, यह कुछ राहत जरूर देगा। यह सबके लिए लाभदायक है।
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अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और सत्येन्द्र जैन पैदल जाते हुए।
- फोटो : एएनआई
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कार पूल कर अपने दफ्तर पहुंचे। उन्होंने मंत्री गोपाल राय और सत्येंद्र जैन के साथ कार पूल की और तीनों एक साथ सचिवालय पहुंचे।
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मंत्री राजेन्द्र पाल अपने घर से कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पैदल जाते हुए।
- फोटो : एएनआई
कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल ने सम-विषम योजना के तहत पैदल ही यात्रा की। उन्होंने प्रदूषण से लड़ने के लिए मेट्रो से दफ्तर जाने की बात कही। वे मेट्रो से आईटीओ गए और आईटीओ से पैदल ही दिल्ली सचिवालय अपने ऑफिस जायेंगे।
वहीं दिल्ली से भाजपा नेता विजय गोयल ने सम-विषम योजना का विरोध किया। विरोध करने के लिए सम दिन पर विषम नंबर की गाड़ी लेकर दिल्ली की सड़क पर निकल गए। इसके चलते उनका चार हजार रुपये का चालान कटा। इसके बाद दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत उन्हें फूल लेकर मनाने पहुंचे।