फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

विज्ञापन
1 of 14
मशहूर लेखक और पत्रकार खुशवंत सिंह का गुरूवार को निधन हो गया।

सभी फोटोः विवेक निगम
विज्ञापन

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

2 of 14
वे 99 वर्ष के थे। आज शाम चार बजे लोधी रोड शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

3 of 14
पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के हादली में उनका जन्म 2 फरवरी 1915 को हुआ था।

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

4 of 14
खान मार्केट से लेकर ग्रेटर कैलाश उन्हीं कॉलोनियों का हिस्सा हैं।
विज्ञापन

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

5 of 14
सिंह के परिवार में उनकी पत्नी कवल मलिक, बेटा राहुल सिंह और एक बेटी माला है।
विज्ञापन

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

6 of 14
मशहूर अदाकार अमृता सिंह उनके भाई दलजीत सिंह की बेटी है। खुशवंत सिंह दिल्ली में खान मार्केट के पास सुजान सिंह पार्क अपार्टमेंट में रह रहे थे।
विज्ञापन

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

7 of 14
वह मशहूर पत्रिका योजना के संस्‍थापक संपादक थे। साथ ही उन्होंने इलस्ट्रेडेट वीकली, द नेशनल हेराल्ड और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे प्रमुख अखबरों का संपादन किया।

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

8 of 14
इसके अलावा उन्होंने कई उपन्यास भी लिखे हैं। जिनमें, 'ट्रेन टू पाकिस्तान', 'आई शैल नॉट हियर द नाइटएंगल' और 'दिल्ली' प्रमुख हैं।

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

9 of 14
95 साल की उम्र उन्होंने 'द सनसेट क्लब' जैसा उपन्यास लिखी थी।

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

10 of 14
उन्होंने अपनी आत्मकथा, ट्रूथ, लव एंड ए लिटिल मैलिस लिखी, जिसे पेंग्विन बुक्स ने 2002 में प्रकाशित की थी।

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

11 of 14
खुशवंत 1980 से लेकर 1986 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

12 of 14
उन्हें साहित्य और पत्रकारिता में उल्लेखनीय कामों के लिए 1974 में पद्म भूषण सम्‍मान मिल चुका है, जिसे उन्होंने सरकार को 1984 में वापस कर दिया था। उनका विरोध स्वर्ण म‌ंदिर में सेना को घुसने को लेकर था।

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

13 of 14
बाद में सरकार ने 2007 में उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा।
विज्ञापन

खुशी-खुशी खुशवंत ने दुनिया को कहा अलविदा

14 of 14
उनके पिता सुजान सिंह भी मशहूर आर्टिटेक्ट थे। जिन्होंने दिल्ली की कई नामी कॉलोनियों को बसाया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें