एटीएस की रिमांड पर आए उमर गौतम और जहांगीर आलम ने अपने कारनामों के राज उगलने शुरू कर दिए हैं। एटीएस उमर गौतम की अनगिनत विदेश यात्राओं का ब्योरा भी जुटा रही है। सूत्रों ने बताया कि उमर की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर की मदद से लखनऊ की दो लड़कियों का धर्मांतरण कराया गया था। यह लखनऊ के अलीगंज और तेलीबाग क्षेत्र की रहने वाली हैं। एटीएस उमर की हर जानकारी को सत्यापित करेगी फिर कार्रवाई करेगी। सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो में उमर दावा कर रहा है कि वह इंग्लैंड, कनाडा समेत कई देशों की दर्जनों यात्राएं कर चुका है। एक वीडियो में कह रहा है कि इस्लामिक दावा सेंटर ने एक हजार से अधिक लोगों की लीगल डाक्यूमेंट तैयार कराए हैं। साथ ही कानपुर की छत्रपति साहू जी महाराज यूनिवर्सिटी की एक लड़की का जिक्र कर रहा है कि जिसने धर्म परिवर्तन कर लिया है। उसने एक समाचार पत्र में विज्ञापन देने की बात कही है।
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मौलाना के घर के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
वह ऐसे लोगों की मदद करते हैं जिन्होंने दीन कुबूल किया है, उन्हें मोरल और लीगल सपोर्ट दिया जाए। इस्लामिक दावा सेंटर में पोलैंड, पुर्तगाल, जर्मनी, सिंगापुर, अमेरिका और इंग्लैंड से आकर कानूनी सहायता ली है।
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एटीएस की गिरफ्त में उमर गौतम
- फोटो : amar ujala
वीडियो में गोरखपुर के भी एक व्यक्ति के इस्लाम कुबूलने का जिक्र है। उमर के मुताबिक वह 18 बार इंग्लैंड और चार बार अमेरिका की यात्रा कर चुका है। उमर ने कहा कि वह कैसे मुस्लिम बना अगर इतिहास बताएगा तो तीन चार घंटे लग जाएंगे।
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डॉ. मोहम्मद उमर गौतम
- फोटो : अमर उजाला
फंडिंग के बारे में भी की पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि एटीएस ने सेंटर को मिलने वाली फंडिंग के बारे में भी पूछताछ की है। उमर ने कई अलग अलग जगहों से चंदे के रूप में पैसे आने की बात कुबूल की है। खातों की डिटेल एटीएस ने बैंकों से भी मांगी है। पैसे आईएसआई की ओर से भेजे गए या नहीं इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं पूछताछ
उधर, उमर और जहांगीर आलम से पूछताछ के लिए केंद्रीय एजेंसियां भी एटीएस मुख्यालय पहुंच गई हैं। सूत्रों का कहना है कि दोनों को जल्द ही दिल्ली और नोएडा ले जाकर मौके पर तलाशी ली जाएगी जिसमें धर्मांतरण से जुड़े और दस्तावेज मिल सकते हैं।