ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत मामले में एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से कई सवाल पूछे हैं। एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से पूछा कि इतनी गहरी खोदाई कैसे कर दी गई। खनन विभाग की एनओसी का ब्योरा भी मांगा है।
नोएडा सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज तालाब बने जिस प्लाट में जिस जगह डूबा था वहां की गहराई जलभराव समेत 55 से 70 फीट होने का अनुमान है। यह जानकारी हादसे की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की तरफ से दी गई है।
एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से पूछा है कि इतनी गहराई तक खोदाई और जलभराव सेक्टर के बीच कैसे हुआ। अगर खनन विभाग की तरफ से खोदाई की एनओसी दी गई थी तो उसका भी ब्यौरा उपलब्ध करवाया जाए।
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इंजीनियर युवराज मामले में NGT ने लिया स्वत: संज्ञान
- फोटो : अमर उजाला GFX
साथ ही निगरानी के लिए प्राधिकरण की तरफ से जवाब में वर्क सर्कल-10 के जेई एई का नाम दिया गया था। एसआईटी ने जीएम और वरिष्ठ प्रबंधक की भी जिम्मेदारी पर जवाब मांगा है। यही नहीं सड़क सुरक्षा के इंतजाम न होने पर नोएडा ट्रैफिक सेल से जिम्मेदारों के नाम मांगे हैं। इन सवालों के जवाब प्राधिकरण की तरफ से भेजे जाने की सूचना है।
गौरतलब है कि हादसे की जांच कर रही एसआईटी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को दे चुकी है। इसके बाद जिम्मेदारी निर्धारण के लिए प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन से दिए गए जवाबों को और स्पष्ट करवाया जा रहा है। सूत्रों की माने तो गहराई से हुई खोदाई को लेकर प्राधिकरण की तरफ से खनन विभाग की एनओसी का हवाला दिया गया है।
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घटना स्थल पर युवराज की मौत को लेकर जॉच करने पहुंची एसआईटी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
यह भी बताया गया है कि सड़क पर सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे। बिल्डर को नियोजन, वर्क सर्कल और जल विभाग की तरफ से पत्र भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है।
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इंजीनियर युवराज की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
250 से ज्यादा कर्मियों के दर्ज हुए बयान
एसआईटी जांच के 11 दिन बीत चुके हैं। इसमें अब तक 250 से ज्यादा पुलिस-प्रशासन-प्राधिकरण के कर्मचारियों व अधिकारियों के बयान दर्ज हुए हैं। विभागों से पहले सवाल फिर उन पर दिए गए जवाबों पर भी सवाल किए गए हैं। सभी विभागों से 12 अधिकारी-कर्मचारी हादसे की जांच के दायरे में हैं।
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नोएडा के सेक्टर-150 स्थित घटना स्थल स्थित पानी से मृतक युवराज की कार को क्रेन से निकाला गया
- फोटो : अमर उजाला
प्लाट12 मंजिल का मॉल बनाने का नक्शा हुआ था पास
हादसा स्थल स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 में सब-डिवीजन के बाद निकला ए-3 प्लॉट है। नोएडा प्राधिकरण ने 27,185 वर्ग मीटर के इस प्लॉट पर 2017 में 12 मंजिल की इमारत बनाने का नक्शा पास किया था। इसमें एक बेसमेंट बनाने की मंजूरी दी गई थी, जिसमें नक्शे के मुताबिक 644 वाहनों की पार्किंग होनी थी। भूतल के 6,848 वर्ग मीटर और प्रथम तल के 4,542 वर्गमीटर क्षेत्र में वाणिज्यिक उपयोग की मंजूरी दी गई थी।
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नोएडा के सेक्टर-150 स्थित घटना स्थल स्थित पानी से मृतक युवराज की कार को क्रेन से निकाला गया
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद 12वें तल तक का उपयोग स्पोर्ट्स के लिए तय था। बीच में एक तल सर्विस फ्लोर के रूप में छोड़ा जाना था। हरित क्षेत्र के तौर पर करीब 1,003 वर्ग मीटर जगह छोड़ी जानी थी और 200 पौधे लगाए जाने थे। इस नक्शे के मुताबिक विजटाउन बिल्डर ने पहले खुदाई करवाई। बाद में ऊपरी तल का उपयोग स्पोर्ट्स तय होने के चलते संशोधन के लिए आवेदन दिया। आवेदन में स्पोर्ट्स और वाणिज्यिक उपयोग को अलग-अलग करने का प्रस्ताव था। इसे प्राधिकरण ने 2022 में निरस्त कर दिया था।
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नोएडा के सेक्टर -150 स्थित गड्ढे में जहां कार गिरी थी उसके दूसरी तरफ भी नहीं है कोई बैरिकेड
- फोटो : अमर उजाला
परिजन, दोस्तों, निवासियों को एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार, सवाल-कब होगी कार्रवाई
युवराज के परिजन, दोस्त और स्थानीय निवासी अब भी विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के सार्वजनिक होने का इंतजार कर रहे हैं। हादसे के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। जिसे पांच दिन के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी थी। हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकी है।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे के बाद घटना स्थल पर लगाए गए बैरियर
- फोटो : अमर उजाला
परिजन और स्थानीय लोग न्याय की राह देख रहे
परिजनों को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद कार्रवाई की उम्मीद है। वहीं सेक्टर-150 के निवासी और युवराज के दोस्त भी एसआईटी रिपोर्ट को लेकर नजरें लगाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि हादसा केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला है। अगर समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा होंगे। फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट और उसके सार्वजनिक होने पर टिकी हैं।
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नोएडा के सेक्टर-150 में दुर्घटना ग्रस्त कार सवार को निकालने के लिए जाती एसडीआरएफ की टीम
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जिससे सच सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। हालांकि अबतक कार्रवाई नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सभी को यकीन है कि एसआईटी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किसकी लापरवाही का नतीजा था। सभी को उम्मीद है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा के सेक्टर-150 में हुई कार दुर्घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़
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बहन के इस सप्ताह विदेश से आने की उम्मीद
युवराज की बहन यूके में हैं। वह अब तक भारत नहीं लौट सकी हैं। युवराज की बहन के अगले सप्ताह देश वापस आने की संभावना है। इसके बाद परिवार आगे की कानूनी प्रक्रिया और कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकता है।