शुक्रवार देर रात एक कार अनियंत्रित होने के बाद गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में करीब 70 फीट दूर जा गिरी थी। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 30 फीट गहरे पानी से युवक को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में सड़क हादसे के बाद दलदल में डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि युवराज की मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया है। पोस्टमार्टम के अनुसार उनके फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि वह काफी देर तक पानी में डूबे रहे।
विज्ञापन
2 of 6
इंजीनियर युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
फेफड़ों में पानी भरा, हार्ट फेलियर भी हुआ
डॉक्टरों की रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक पानी में रहने से उनके फेफड़ों में भारी मात्रा में पानी चला गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई और दम घुटने की स्थिति पैदा हुई। इसी दौरान शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने से हार्ट फेलियर भी हुआ, जो मौत का तत्काल कारण बना।
विज्ञापन
3 of 6
कार समेत डूब गया सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज
- फोटो : अमर उजाला
अभी भी गड्ढे में फंसी है युवराज की कार
हादसे के बाद से युवराज की कार अभी भी उस गड्ढे में फंसी हुई है। जिसमें पानी और दलदल भरा है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले बेसमेंट और गड्ढे से पानी निकालने के लिए पंप लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। पानी पूरी तरह निकलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम कार को बाहर निकालने की कार्रवाई करेगी। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
4 of 6
नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे में टूटी पड़ी नाले की दीवार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने की एफआईआर दर्ज
वहीं इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। रविवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पिता की शिकायत पर दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने राजकुमार मेहता की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ बीएनएस की धारा-105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (1) (किसी व्यक्ति के द्वारा की गई लापरवाही या जल्दबाजी से किसी व्यक्ति की मृत्यु, धारा-125 (मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने) की धाराओं में केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
5 of 6
इंजीनियर युवराज के पिता का दर्द
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद प्रशासन ने जर्सी बैरियर रखवाए
मामले में प्राधिकरण की मिट्टी का ढेर लगवाने के साथ लोहे की 10 फीट चौड़ी और सात फीट ऊंची बैरिकेड लगवाने के साथ जर्सी बैरियर रखवाए हैं। सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे पुत्र का फोन आया था। पुत्र ने कहा कि वह नाले में गिर गया उसे बचाओ आकर। पहले वह ऐस सिटी नाले के पास पहुंचे और वहां देखा तो कुछ नहीं मिला। करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को तलाशते रहे। जब वह घटना स्थल को तलाशते हुए पहुंचे तो देखा कि पुत्र कार की छत पर लेटा हुआ है।
नोएडा के सेक्टर-150 में दुर्घटना ग्रस्त कार सवार को निकालने के लिए जाती एसडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
न रस्सी काम आई, न क्रेन
इस दौरान डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुत्र बीच-बीच में बचाओ-बचाओ की आवाज लगा रहा था। इस दौरान उन्होंने टार्च जलाकर अपने जिंदा होने का भी सबूत दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया। मगर रस्सी उस तक नहीं पहुंची। जो क्रेन भी मंगवाई गई वह भी उस तक नहीं पहुंच गई। जिस कारण राहत बचाव कार्य में देरी हुई। मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा और बेटा उनकी आंखों के सामने ही कार समेत डूब गया। बाद में सफलता नहीं मिलते देख एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने पुत्र को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।